प्रतिरोध का निरस्त्रीकरण फ़िलिस्तीनियों की लाल रेखा
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फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के पोलित ब्यूरो के सदस्य मूसा अबू मर्ज़ूक़ ने फ़िलिस्तीन की राष्ट्रीय सुलह मामले में अंतर्राष्ट्रीय हल्क़ों की भागीदारी का स्वागत करते हुए बल दिया कि प्रतिरोध के निरस्त्रीकरण पर बात नहीं हो सकती।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep २३, २०१७ १५:५३ Asia/Kolkata

फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के पोलित ब्यूरो के सदस्य मूसा अबू मर्ज़ूक़ ने फ़िलिस्तीन की राष्ट्रीय सुलह मामले में अंतर्राष्ट्रीय हल्क़ों की भागीदारी का स्वागत करते हुए बल दिया कि प्रतिरोध के निरस्त्रीकरण पर बात नहीं हो सकती।

मूसा अबू मर्ज़ूक़ ने कहा कि प्रतिरोध के हथियार सारे फ़िलिस्तीनियों की रक्षा करने के साथ साथ इस्राईल के अतिग्रहण से मुक़ाबला करने की ज़मानत भी हैं इसलिए इस विषय पर बातचीत नहीं हो सकती। हमास का प्रतिरोध को जारी रखने और हथियार न रखने पर बल ज़ायोनी शासन और उसके अमरीका सहित पश्चिमी और कुछ अरब समर्थक सरकारों की साज़िशों का जवाब है जो विभिन्न बहानों से फ़िलिस्तीनियों को प्रतिरोध से रोकना और प्रतिरोध गुटों का निरस्त्रीकरण करना चाहती हैं।

ज़ायोनी शासन का फ़िलिस्तीनियों के निरस्त्रीकरण का विषय पेश करने के पीछे लक्ष्य यह है कि जब एक स्वाधीन फ़िलिस्तीनी देश के गठन का विषय उठे तो वह विश्व समुदाय को यह बात समझा सके कि इस तरह के देश के लिए किसी तरह की सेना की ज़रूरत नहीं है।

इसी वजह से फ़िलिस्तीनी गुटों ने एक बार फिर बल दिया है कि प्रतिरोध का निरस्त्रीकरण फ़िलिस्तीनियों के लिए लाल रेखा है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय क़ानून में एक राष्ट्र को उसकी रक्षा के अधिकार को वैध माना गया है।

कुल मिलाकर यह कि फ़िलिस्तीनी जनता प्रतिरोध गुटों की उपलब्धियों के मद्देनज़र कि जिसमें हालिया वर्षों में सैन्य व राजनीति के क्षेत्र में ज़ायोनी शासन को प्रतिरोध से मिली कई पराजय शामिल है, अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रतिरोध को ही एक मात्र मार्ग समझती है।

हालिया वर्षों में फ़िलिस्तीनियों ने सफलता के जश्न के आयोजन और शक्ति के प्रदर्शन के ज़रिए पराजित ज़ायोनी शासन को अपनी सफलता दिखायी है। हज़ारों की संख्या में फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध गुट के सदस्यों ने ग़ज़्ज़ा पट्टी में व्यापक परेड कर क़ुद्स की पूरी तरह आज़ादी तक प्रतिरोध को सशस्त्र रखने पर बल दिया है।

फ़िलिस्तीन के प्रतिरोध गुट के प्रति फ़िलिस्तीनियों की ओर से दिन प्रतिदिन बढ़ता समर्थन और फ़िलिस्तीनी गुटों का ख़ुद को सशस्त्र रखने और हथियारों के ख़ुद से निर्माण के ज़रिए उनके उन्नतिकरण पर बल देना यह दर्शाता है कि ज़ायोनी शासन प्रतिरोध के निरस्त्रीकरण के अपने लक्ष्य में पहले से ज़्यादा नाकाम हो गया है। (MAQ/T)