मसऊद बारेज़ानी ग़द्दार हैः हिज़्बुल्लाह
इराक़ के स्वयं सेवी बल हिज़्बुल्लाह के प्रवक्ता ने कहा है कि इराक़ी कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रमुख मसऊद बारेज़ानी ने इराक़ से अलग होने के जनमत संग्रह का आयोजन कराके विश्वासघात किया है।
हिज़्बुल्लाह के प्रवक्ता सैयद जाफ़र हुसैनी ने मंगलवार को यह बयान करते हुए कि बारेज़ानी ने इराक़ी कुर्दों के विरुद्ध अत्याचारपूर्ण कार्यवाही की है, कहा कि इराक़ी कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रमुख अपने विरोधियों का दमन करते हैं।
इराक़ी मीडिया ने भी रिपोर्ट दी है कि पीशमर्गा फ़ोर्स ने इराक़ के कुछ कुर्द क्षेत्रों के निवासियों को धमकी दी थी कि यदि उन्होंने जनमत संग्रह में भाग न लिया तो उन्हें क्षेत्र से भगा दिया जाएगा।
इराक़ी हिज़्बुल्लाह के प्रवक्ता ने कहा कि इराक़ी कुर्दिस्तान में होने वाले जनमत संग्रह में अमरीका और ज़ायोनी शासन का हाथ है। उन्होंने कहा कि अमरीकियों का वास्तविक चेहरा उस समय खुलकर सामने आएगा जब बग़दाद इराक़ के विभाजन के ख़तरे से मुक़ाबले के लिए गंभीर क़दम उठाएगा।
दूसरी ओर इराक़ के राष्ट्रीय गठबंधन के नेता और वरिष्ठ राजनेता सैयद अम्मार हकीम और स्वयं सेवी बल असाएब अहले हक़ आंदोलन के महासचिव क़ैस ख़ज़अली ने मंगलवार को एक विशेष मुलाक़ात में इराक़ की एकता की आवश्यकता पर बल दिया।
इस मुलाक़ात में दोनों नेताओं ने इराक़ी कुर्दिस्तान के जनमत संग्रह को ग़ैर क़ानूनी बताया और इससे मुक़ाबले के लिए सरकार से तेज़ी से कार्यवाही करने की मांग की।
इराक़ी प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी ने भी मंगलवार को इराक़ी कुर्दिस्तान में हुए जनमत संग्रह को देश के संविधान और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के ख़िलाफ़ बताया था और कहा था कि इराक़ी कुर्दिस्तान क्षेत्र के अधिकारी इराक़ी नागरिकों को डरा धमका कर मतदान केन्द्रों की ओर ले गये।
ज्ञात रहे कि भारी क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विरोध के बावजूद इराक़ी कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रमख मसऊद बारेज़ानी ने इराक़ से अलग होने के विषय पर जनमत संग्रह कराया। मसऊद बारेज़ानी की यह कार्यवाही इराक़ के संविधान के ख़िलाफ़ है।
क्षेत्रीय देशों के विभाजन के इच्छुक ज़ायोनी शासन ने इराक़ी कुर्दिस्तान क्षेत्र में होने वाले जनमत संग्रह का समर्थन किया है। (AK)