बहरैन, कुछ क्रांतिकारियों की नागरिकता रद्द
बहरैन के आले ख़लीफ़ा शासन की अदालत ने कुछ क्रांतिकारियों की नागरिकता रद्द करते हुए पांच साल की सज़ा सुनाई है।
रसा न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार बहरैनी धर्मगुरु सैयद अली मूसवी को अदालत ने पंद्रह दिनों के रिमांड पर जेल भेज दिया है।
सैयद अली मूसवी के परिजनों का कहना है कि उन्हें आशूरा के दिन इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शोक सभा में भाग लेने के बाद गिरफ़्तार किया गया और अभी तक प्रशासन ने उनकी गिरफ़्तारी का कारण नहीं बताया है।
बहरैन की अदालत ने इसी प्रकार बहरैन के कुछ दूसरे नागरिकों की नागरिकता रद्द कर दी और उन पर राजनैतिक आरोप लगाकर पांच साल की सज़ा सुनाई है।
शाही दरबार के समाचार पत्र अलअय्याम ने अपने संस्करण में दावा किया कि यह लोग ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से हथियार रखे हुए थे जिसके बाद इनकी नागरिकता रद्द कर दी गयी और इन्हें जेल की सज़ा सुनाई गयी है।
बहरैन का आले ख़लीफ़ा शासन अपने विरुद्ध उठने वाली हर आवाज़ को दबाने के प्रयास में है और 2012 से अब तक 400 से अधिक बहरैनी नागरिकों की नागरिकता रद्द की जा चुकी है। (AK)