इराक़, कुर्दिस्तान संकट और गहराया, जनरल सुलेमानी पहुंचे कुर्दिस्तान
इराक़ी सेना ने किरकूक से बाहर निकलने के लिए कुर्द फोर्स पीशमर्गा को दी गई समय सीमा में 24 घंटे की वृद्धि कर दी है।
किरकूट संकट के समाधान के लिए जहां इराक़ी राष्ट्रपति फ़ुवाद मासूम कि जो ख़ुद भी एक कुर्द हैं, कुर्दिस्तान इलाक़े के अधिकारियों से बात कर रहे हैं, वहीं आईआरजीसी की कुद्स ब्रिगेड के कमांडर मेजर जनरल क़ासिम सुलेमानी भी इराक़ी कुर्दिस्तान पहुंच गए हैं।
मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के मुताबिक़, जनरल सुलेमानी रविवार को कुर्दिस्तान पहुंचे हैं।
हज़ारों इराक़ी सैनिकों ने किरकूक के दक्षिणी और दक्षिण पश्चिमी इलाक़ों में भारी हथियारों के साथ मोर्चा संभाल रखा है।
बग़दाद ने कुर्द बलों को अल्टीमेटम दिया था कि रविवार को तड़के 2 बजे तक उन इलाक़ों को ख़ाली करदें, जिनपर उन्होंने 3 साल पहले दाइश के हमले के बाद क़ब्ज़ा किया था।
एक कुर्द अधिकारी ने नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया है कि शनिवार की रात बातचीत के बाद, इस डेडलाइन में 24 घंटे की और वृद्धि कर दी गई है।
शनिवार को किरकूक शहर में नदी के किनारे इराक़ी सैनिकों को तैनात कर दिया गया था।
नदी के दूसरे किनारे, कुर्द पीशमर्गा के लड़ाकों को कंकरीट के बंकरों के पीछे देखा गया।
एक इराक़ी सैन्य अधिकारी का कहना था कि हमारे सैनिकों ने मोर्चा संभाल लिया है और अब उन्हें सेना प्रमुख के आदेश का इंतेज़ार है। msm