करकूक की कार्यवाही, कुर्दिस्तान की पृथकता को रोकने का व्यवहारिक क़दम
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इराक़ के करकूक नगर से पीशमर्गा मिलिशिया के बाहर निकलने के लिए दिए 72 घंटे के अल्टीमेटम के समाप्त हो जाने के बाद इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी के आदेश पर इस नगर और इसके तेल के कुंओं पर नियंत्रण के लिए सैन्य कार्यवाही आरंभ हो गई है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct १६, २०१७ १४:४६ Asia/Kolkata

इराक़ के करकूक नगर से पीशमर्गा मिलिशिया के बाहर निकलने के लिए दिए 72 घंटे के अल्टीमेटम के समाप्त हो जाने के बाद इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी के आदेश पर इस नगर और इसके तेल के कुंओं पर नियंत्रण के लिए सैन्य कार्यवाही आरंभ हो गई है।

इराक़ी सेना, आतंकवाद निरोधक बल और स्वयं सेवी बल ने इस कार्यवाही के शुरू होने के तुरंत बाद ही उत्तरी करकूक में अहम सफलताएं हासिल कीं और सोमवार की सुबह करकूक हवाई अड्डे, तेल के कई कुंओं और कई सैन्य छावनियों पर नियंत्रण कर लिया। करकूक की वर्तमान स्थिति, 25 सितम्बर को कुर्दिस्तान को इराक़ से अलग करने के लिए आयोजित होने वाले रिफ़्रेंडम का पहला गंभीर परिणाम है। इस ग़ैर क़ानूनी और एकपक्षीय जनमत संग्रह के बाद इराक़ की केंद्र सरकार ने देश की अखंडता की रक्षा के लिए विभिन्न मार्गों को अपने एजेंडे में शामिल किया है।

 

अनुमान है कि जल्द ही पूरे करकूक पर इराक़ की केंद्र सरकार का पुनः नियंत्रण हो जाएगा और इसका मतलब होगा इराक़ी कुर्दिस्तान से तेल निर्यात के रास्ते का पूरी तरह से बंद हो जाना। यह कुर्द अधिकारियों को पृथकतावाद से रोकने के इराक़ी सरकार के प्रभावी क़दमों में से एक है। एक अरब टीकाकार वाएल एसाम ने कहा है कि इराक़ी कुर्दिस्तान से करकूक का निकल जाना निश्चित रूप से इस क्षेत्र की आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालेगा क्योंकि इराक़ी कुर्दिस्तान की मूल संपत्ति तेल ही है। (HN)