लेबनान में 12 साल बाद पहला बजट पास
लेबनान की संसद में 19 अक्तूबर को पहला वार्षिक बजट 12 साल बाद पारित हुआ।
लेबनान में इस देश के भूतपूर्व प्रधान मंत्री रफ़ीक़ हरीरी की 2005 में हत्या के बाद से अब तक सालाना बजट नहीं था। इसका मुख्य कारण इस देश में राजनैतिक दलों के बीच आपस में मतभेद था लेकिन पिछले साल अक्तूबर में लेबनान के राजनैतिक दल मतभेदों के हल के लिए आगे आए जिससे इस बात की उम्मीद बंधी थी कि वार्षिक बजट का मस्ला भी हल हो जाएगा।
2017 के बजट बिल के पारित होने में इतना विलंब होने का सबसे बड़ा कारण सरकारी कर्मचारियों की तनख़्वाह और भत्ते का विषय था जिससे इस देश की सरकार पिछले एक दशक से जूझ रही थी। लेबनानी सांसदों ने पिछले सितंबर में कुछ क्षेत्रों में कर बढ़ाकर तनख़्वाह और भत्ते की मुश्किल को हल करने के लिए ज़रूरी बजट की आपूर्ति की।
इस बात से हट कर लेबनान में 12 साल बाद बजट का पारित होना इस देश और इस देश के राजनैतिक दलों के लिए एक उपलब्धि है, आय और ख़र्च के स्रोतों में आनुपातिक अंतर के कारण विशेषज्ञ 2017 के बजट की सफलता के बारे में संदेह जता रहे हैं।
अगर लेबनान सरकार 2017 के अंत से पहले अगले साल के बजट के मसौदे को संसद में पारित करवा ले तो यह 2018 के संसदीय चुनाव के आयोजन के लिए बहुत अहम साबित होगा।
लेबनान में अक्तूबर 2016 से राजनैतिक मतभेद एक एक क़दम करके हल होता जा रहा है और इस देश के राजनैतिक दलों ने भी इस संदर्भ में लचक दिखायी है। 2018 के बजट बिल के संभवतः पारित होने पर ही इस देश की संसद और सरकार मई 2018 के संसदीय चुनाव पर ध्यान केन्द्रित करेगी। (MAQ/T)