रक़्क़ा में दाइश की जेल या मौतख़ाना?!+फ़ोटो
सीरिया कर रक़्क़ा शहर दाइश के कंट्रोल से आज़ाद करा लिया गया है। यह शहर सीरिया में दाइश की राजधानी कहा जाता था।
शहर को आतंकियों से आज़ाद कराने के बाद वहां जो दृष्य सामने आ रहे हैं वह दिल दहला देने वाले हैं।
जब रक़्क़ा शहर पर दाइश ने क़ब्ज़ा किया तो वहां के मुख्य स्टेडियम को जेल में बदल दिया था और इसका नाम मौतख़ाना रख दिया था।
स्काई न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार इस जेल में हज़ारों बेगुनाहों को क़ैदी बनाकर रखा गया था।

स्थानीय लोगों का कहना था कि इस जेल में जाने वाले के जीवित बाहर आने की आशा ख़त्म हो जाती थी।
स्काई न्यूज़ के अनुसार इस स्टेडियम में क़ैदियों को भयानक यातनाएं देने और मौत के घाट उतार देने के लिए जो प्रबंध किया गया था उसे देखकर इंसान कांप उठता है। यातनाओं वाली कोठरी में लोहे के बेड रखे थे जिसमें करंट दौड़ा दिया जाता था। बेड में अब भी उन लोगों के गोश्त के टुकड़े चिपके हुए थे जिन्हें वहां यातनाएं दी गई थीं।
पूरे कमरे में ख़ून के धब्बे दिखाई दे रहे थे।

स्काई न्यूज़ के पत्रकार स्टुअर्ट रम्ज़े का कहना है कि कुछ काल कोठरियों में क़ैदियों द्वारा लिखे हुए संदेश भी दिखाई दिए। जो नाम लिखे देखे गए है उनसे पता चलता है कि वह अलग अलग देशों के नागरिक रहे होंगे।
एक नाम अबू सईद ब्रितानी का है जो वर्ष 2014 में सीरिया की यात्रा से पहले ब्रिटेन में एक शापिंग माल में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता था।


एक कमरे में दीवर पर लोहे की खूंटी से रस्सी बंधी दिखाई दी जहां क़ैदियों को बांध का कोड़े लगाए जाते थे और उनकी चीख़ें पूरी जेल में गूंजती थीं।
पत्रकार का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी इतना भयानक स्थान नहीं देखा।


