इराक़ी प्रधानमंत्री के ईरान दौरे से सबकी बोलती बंद
इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी की सऊदी अरब, तुर्की सहित ईरान यात्रा हालिया संवेदनशील चरण में बहुत ही महत्वपूर्ण है।
इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी बुधवार की रात तुर्की से तेहरान पहुंचे। इस यात्रा में उनका साथ एक वरिष्ठ प्रतिनिधि मंडल दे रहा है। उनकी इस यात्रा में इराक़ के गृहमंत्री, पेट्रोलियम मंत्री, कार्यक्रम और विद्युत मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री हैं। गुरुवार को तेहरान में हैदर अलएबादी ने वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इस मुलाक़ात में कहा कि विभिन्न इराक़ी जातियों में एकजुटता, मोमिन और साहसी युवाओं और स्वयं सेवी बलों के लिए इराक़ी सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन की घोषणा, आतंकवादी गुटों और उनके समर्थकों के मुक़ाबले में प्राप्त होने वाली सफलताओं का कारण बना है।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान, इराक़ की एकता, अखंडता और उसकी संप्रभुता की रक्षा पर बल देते हुए इराक़ को अरब जगत का एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली देश बताया। इराक़ी प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी ने इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी से भी मुलाक़ात की।
वर्तमान समय में इराक़ी सरकार पड़ोसियों के साथ संबंधों को अधिक से अधिक विस्तृत करने और इराक़ी कुर्दिस्तान में अलगावादी कार्यवाहियों पर रोकथाम लगाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने पर विशेष ध्यान दिए हुए है। इराक़ के ईरान और तुर्की के साथ राजनैतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों के दृष्टिगत पहले इराक़ी प्रधानमंत्री ने अंकारा का दौरा किया और फिर उसके बाद उन्होंने ईरान का दौरा किया। यहां पर यह बात कहना आवश्यक है कि तीनों देश इस संयुक्त सोच पर पहुंच गये हैं कि आपस में अधिक से अधिक समन्वय पैदा करें।
हाल ही में अमरीका के विदेशमंत्री रेक्स टिलरसन ने सऊदी अरब का दौरा किया जिसके बाद यह अफ़वाह फैल गयी कि इराक़ प्रतिरोध के मोर्चे में शामिल नहीं होगा और वह पश्चिम और अरब गठबंधन का हिस्सा बनने वाला है, अभी यह चर्चा मीडिया में चल ही रही थी कि इराक़ी अधिकारियों विशेषकर प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी ने कहा कि तेहरान के साथ संबंध को दूसरों के साथ संबंधों को क़ुरबान नहीं करेंगे, यही नहीं उन्होंने तेहरान का दौरा करके सारे समीकरण बिगाड़ दिए।
यह बात सही है कि इराक़ में दाइश अंतिम सांसें ले रहा है किन्तु हैदर अलएबादी के तेहरान दौरे का मुख्य लक्ष्य, भविष्य में क्षेत्र विशेषकर इराक़ और सीरिया में आतंकवाद से गंभीर संघर्ष करना है।
पिछले छह महीने के दौरान हैदर अलएबादी का यह दूसरा तेहरान दौरा है । इस दौरे से उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया वह तेहरान के साथ संबंधों को सुदृढ़ करने के प्रयास में हैं और तेहरान से संबंध तोड़ने के किसी भी दाबव के सामने झुकने वाले नहीं हैं। हैदर अलएबादी ने तेहरान की यात्रा करके पश्चिम और अरब मीडिया को करारा जवाब दिया जो एबादी की रियाज़ यात्रा के बाद काफ़ी हंगामा मचा रहे थे और कह रहे थे कि इराक़, सऊदी गठबंधन में आ गया।