शैख़ ईसा क़ासिम के समर्थन में बहरैनी जनता की रैली
बहरैन में जनता ने विभिन्न क्षेत्रों में इस देश के वरिष्ठ धर्मगुरु शैख़ ईसा क़ासिम के समर्थन में गुरुवार की रात रैली निकाली।
बहरैन में धर्मगुरुओं ने गुरुवार को एक बयान में जनता से शैख़ ईसा क़ासिम के समर्थन में रैली निकालने की अपील की थी।
संवादाता के अनुसार, रैली में शामिल लोग शैख़ ईसा क़ासिम की तस्वीर हाथ में लिए उनके समर्थन में नारा लगा रहे थे। जनता ने बल दिया कि शैख़ ईसा क़ासिम के गिरते स्वास्थ्य के लिए आले ख़लीफ़ा शासन ज़िम्मेदार है।
आले ख़लीफ़ा शासन के सुरक्षा कर्मियों ने रैली में शामिल लोगों को तितर बितर करने के लिए उनके साथ हाथा पायी की और उनके ख़िलाफ़ आंसू गैस के गोले फ़ायर किए।
देराज़ इलाक़े से जहां शैख़ ईसा क़ासिम का घर है, भीषण झड़प की रिपोर्ट मिली है।
रिपोर्ट मिलने के समय आले ख़लीफ़ा शासन के हेलीकॉप्टर शैख़ ईसा क़ासिम के घर के चारों ओर चक्कर लगा रहे थे।
हालिया दिनों में शैख़ ईसा क़ासिम के बिगड़ते स्वास्थ्य की अनेक रिपोर्टें सामने आयी हैं जिन्हें आले ख़लीफ़ा शासन ने घर में नज़रबंद कर रखा है।
बहरैन के चिकित्सक व राजनैतिक कार्यकर्ता इब्राहीम अलअरादी ने सोमवार को कहा कि शैख़ ईसा क़ासिम को इंटरनल ब्लीडिंग अर्थात शरीर के भीतर रक्त स्राव हो रहा है और उन्हें ऑप्रेशन की ज़रूरत है।
आले ख़लीफ़ा शासन ने शैख़ ईसा क़ासिम की नागरिकता ख़त्म कर दी और उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही करते हुए उन्हें जून 2016 से देराज़ इलाक़े में नज़रबंद कर रखा है।
बहरैन के मानवाधिकार संघ का कहना है कि आले ख़लीफ़ा शासन की कठोर सुरक्षा कार्यवाही के कारण डॉक्टर शैख़ ईसा क़ासिम की देखभाल नहीं कर पा रहे हैं। (MAQ/N)