इराक के स्वयं सेवी बल को भंग कर दिया जायेः फ्रांस
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इराकी प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी के बारे में फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बयान को देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec ०३, २०१७ १७:१० Asia/Kolkata

इराकी प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी के बारे में फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बयान को देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है।

फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रां ने इस देश के राष्ट्रपति भवन में इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रमुख से भेंट में इराकी सरकार से हश्दुश्शाबी को भंग करने की मांग की है। इराकी प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता साद अलहदीसी ने इस बयान की प्रतिक्रिया में कहा कि हश्दुश्शाबी देश की व्यवस्था का एक भाग है और इस देश की संसद ने 26 नवंबर 2016 को बहुमत से हश्दुश्शाबी को देश की सशस्त्र सेना का एक भाग बताया है।

मध्यपूर्व के परिवर्तनों के बारे में फ्रांसीसी राष्ट्रपति का बयान इस बात का सूचक है कि उनका यह बयान पश्चिम की नीतियों के परिप्रेक्ष्य में है। दूसरे शब्दों में वह भी क्षेत्र में प्रतिरोधक बलों के खिलाफ पश्चिम की हां में हां मिला रहे हैं। अभी हाल ही में फ्रांस के राष्ट्रपति क्षेत्रीय दौरे पर आये थे और ढ़ाई वर्षों से जारी सऊदी अरब के पाश्विक हमलों में 13 हज़ार से अधिक यमनी मारे जा चुके हैं इस बात की ओर उन्होंने संकेत भी नहीं किया और यमनी सुरक्षा बलों ने जो मिसाइल रियाज़ पर मारा था उसकी उन्होंने भर्त्सना की और कहा कि फ्रांस सऊदी अरब के साथ है।

रोचक बात यह है कि इस मिसाइल हमले में कोई जानी नुकसान भी नहीं हुआ था और यह बात पूरी तरह स्पष्ट है कि सऊदी अरब क्षेत्र में अशांति व अस्थिरता का कारण है। MM