ट्रम्प के फ़ैसले से चिंगारी ज्वाला में बदली+फ़ोटो
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बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी घोषित करने के अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के फ़ैसले से एक नई आग सुलग उठी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec ०९, २०१७ १५:२३ Asia/Kolkata
  • ट्रम्प के फ़ैसले से चिंगारी ज्वाला में बदली+फ़ोटो

बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी घोषित करने के अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के फ़ैसले से एक नई आग सुलग उठी है।

अपने विवादित बयानों और कामों के कारण हमेशा चर्चा में रहने वाले ट्रम्प ने गत बुधवार को घोषणा कर दी कि उन्होंने अमरीका का दूतावास तेल अबीब से बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित करने आदेश दिया है। बैतुल मुक़द्दस नगर इस्राईल के अवैध क़ब्ज़े में फ़िलिस्तीनी इलाक़ों में से एक इलाक़ा है।

अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी इलाक़ों तथा अन्य फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में ज़ायोनी सैनिकों और फ़िलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों की झड़पें हुईं जिनमें कम से कम 3 फ़िलिस्तीन शहीद हो गए और 1000 से अधिक घायल हो गए।

 

ईरान की राजधानी तेहरान तथा अन्य सभी नगरों में नमाज़े जुमा के बाद प्रदर्शन हुए जिनमें लोगों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस्राईल का अंत अब क़रीब आ गया है। प्रदर्शनकारी नारे लगे रहे थे कि क़ुद्स हमारा है, अमरीका मुर्दाबाद, इस्राईल मुर्दाबाद।

 

जार्डन के सभी बारह प्रांतों में ज़ोरदार प्रदर्शन हुए और प्रदर्शनकारियों ने अमरीकी दूतावास के सामने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बैतुल मुक़द्दस मुसलमानों का पहला क़िबला है यह फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की राधजानी ही रहेगा।

 

इराक़ में भी नमाज़े जुमा के बाद सभी इलाक़ों में इस्राईल और अमरीका के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए करकूक, नैनवा, सलाहुद्दीन, वासित, मीसान, बसरह, करबला, अलअंबार, नजफ़, दीवानिया, अलमसना, बाबिल, ज़ीक़ार और दियाली सहित सभी प्रांतों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने अमरीका और इस्राईल के झंडे जलाए।

लेबनान में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। इस देश में शरणार्थी फ़िलिस्तीनियों के शिविरों में भी बड़े पैमाने पर जुलूस निकले।

 

मिस्र में अलअज़हर विश्वविद्यालय के मैदान में प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारे गए हमारा ख़ून और हमारी जान फ़िलिस्तीन पर क़ुरबान।

 

तुर्की में नमाज़े जुमा के इमामों ने पूरे इस्लामी जगत से आहवान किया कि वह बड़ी ताक़तों सामने हरगिज़ न झुके, बैतुल मुक़द्दस मुसलमानों के आंखों की ठंडक है।

पाकिस्तान के भी सभी छोटे बड़े शहरों में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के फ़ैसले के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए। कराची, लाहौर और पेशावर सहित अनेक शहरों में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प की भर्त्सना की।

 

ट्यूनीशिया के भी सभी इलाक़ों में बैतुल मुक़द्दस और फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में प्रदर्शन किए गए और लोगों ने ट्रम्प के फ़ैसले की कड़ी आलोचना की।

यमन की राजधानी सनआ में भी प्रदर्शन हुए और यमनी प्रदर्शनकारियों ने फ़िलिस्तीनियों से एकजुटता दर्शायी। यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रमुख सैयद अब्दुल मलिक बदरुद्दीन अलहौसी ने प्रदर्शनों की काल दी थी।

टीकाकार यह मानते हैं कि ट्रम्प ने बहुत मूर्खतापूर्ण फ़ैसला किया है इससे हालात बहुत ख़राब होंगे और इस्राईल की समस्याएं अधिक जटिल हो जाएंगे। ट्रम्प और इस्राईली सरकार को यह लग रहा है कि कुछ अरब सरकारों को दबाव में ले लेना काफ़ी है और इस तरह वह कुछ भी कर सकते हैं लेकिन यह ज़मीनी सच्चाई है कि इस्राईल के ख़िलाफ़ नफ़रत की चिंगारी लोगों में मौजूद थी जो अब ज्वाला बन गई है।