सुरक्षा, इराक़ की पहली प्राथमिकता
इराक़ी सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि आतंकवादी संगठन " दाइश " के अंत के बाद पूरे देश में सुरक्षा व शांति स्थापना, सरकार की पहली प्राथमिकता है।
इराक़, इलाक़े का बेहद अहम देश है और इस देश की सीमाएं भी क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों जैसे ईरान, तुर्की और सऊदी अरब से मिलती हैं। इराक़ ने सऊदी अरब के साथ मिलने वाली अपनी सीमा को 27 साल से बंद कर रखा था लेकिन सऊदी अरब ने इराक़ पर अपना वर्चस्व जमाने के लिए आतंकवादियों को लैस करके इराक़ भेजा जिनमें सब से भयानक नाम , " दाइश" का है।
हालिया दिनों में इराक़ के प्रधानमंत्री " हैदर अलएबादी" ने अपने देश में आतंकवादी गुट " दाइश " के खिलाफ युद्ध के अंत का औपचारिक रूप से एेलान किया जो निश्चित रूप से इस देश में एक नये चरण का आरंभ था।
इराक़ में शांति व सुरक्षा की स्थापना के बाद पुनर्निमाण का दौर शुरु होगा जो खुद बेहद अहम है और यह चरण , इराक़ में सुरक्षा स्थापना पर निर्भर है क्योंकि उसी दशा में इराक़ के लिए विदेशी पुंजीनिवेश को आकर्षित करना संभव होगा।
इसी के साथ देश में एकता भी इराक़ की अत्याधिक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इराक़ में जो संभावनाएं हैं उनके दृष्टिगत वह निकट भविष्य में क्षेत्रीय शक्ति के रूप में उभरेगा क्योंकि उसके पास आतंकवाद के खिलाफ युद्ध का अनुभव और सेना के साथ साथ स्वंय सेवी बल अर्थात " हश्दुश्शाबी" है।
इन सब के दौरान सब से अहम बात यह है कि " दाइश" जैसा आतंकवादी गुट , सऊदी अरब की गोद में और अमरीका की देख- रेख में पला- बढ़ा है इस लिए इराक़ और सीरिया के अधिकारियों को उन देशों के साथ अपने संबंधों में सतर्कता बरतनी होगी जिन्होंने " दाइश" को एक अभिशाप की तरह उनपर थोप दिया था। (Q.A.)