बहरैन के विदेश मंत्री की बकवास
बहरैन के विदेश मंत्री ख़ालिद बिन अहमद आले ख़लीफ़ा ने इस्लामी गणतंत्र ईरान के विरुद्ध एक बार फिर उल्टे सीधे आरोप लगाए हैं।
बहरैन में छह प्रदर्शनकारियों को फांसी की और नागरिकता वापस लेने की सज़ा सुनाए जाने के बाद बहरैनी विदेश मंत्री ने यह बयान दिया है।
शैख़ ख़ालिद बिन अहमद ने अपने बयान में झूठा आरोप लगाया कि जिन लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई है वह एक कमांडर की हत्या की योजना बना रहे थे।
उन्होंने बहरैन में शाही सरकार के अपराधों पर पर्दा डालने के लिए आम नागरिकों के प्रदर्शनों के दमन की कोशिशों की ओर कोई इशारा किए बिना कहा कि ईरान और उसके घटक जानते हैं कि उनके विस्तारवादी उद्देश्यों के सामने कौन टिका हुआ है।
बहरैनी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान की इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था एक अस्थायी और गुज़र जाने वाली चीज़ है, बहरैन और उसके मित्र, इस्लामी गणतंत्र ईरान के सामने डटे हुए हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने मंगलवार की रात बहरैनी विदेश मंत्री के एक बयान के जवाब में कहा था कि आप इससे कहीं ज़्यादा तुच्छ हैं कि गौरवशाली, इतिहास और भव्य सभ्यता के प्रतीक ईरान के बारे में टिप्पणी करें।