इस जगह बनाएगा सऊदी अरब "चरमपंथी स्टेट"...
पूर्वी यमन से मिलने वाली रिपोर्टें दर्शाती हैं कि सऊदी अरब ने ओमान की सीमा से मिली यमन की पूर्वी सीमा पर ऐसी गतिविधियां शुरु की हैं जिनसे इस क्षेत्र में सलफ़ी तकफ़ीरी रुझान के जड़ पकड़ने का ख़तरा पैदा हो गया है।
लेबनानी समाचार पत्र "अलअख़बार" ने इस देश के राजनैतिक टीकाकार दआ सुवैदान का एक लेख छापा है जिसका शीर्षक "यमन में सऊदियों की नई गतिविधियाः ओमान के साथ संयुक्त सीमाओं पर सलफ़ी राज क़ायम करना" है। इस लेख में दआ सुवैदान ने पूर्वी यमन में सऊदी अरब के लक्ष्य की ओर से सावधान किया है।
यमन के रणनैतिक व राजनैतिक मामलों के माहिर दआ सुवैदान लिखते हैं, "यमन के महरा प्रांत में पिछले नवंबर से सऊदियों की शुरु हुयी गतिविधियों में नया मोड़ आया है जो बहुत ही ख़तरनाक है। सऊदी इस प्रांत के दूसरे सबसे बड़े शहर क़िश्न में सलफ़ियों का केन्द्र बना रहे हैं।"
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महरा प्रांत में मानवीय गतिविधियां बढ़ाने के साथ इस सलफ़ी केन्द्र को शुरु करने की तय्यारी अदन की तरह शुरु हुयी है, जिसका लक्ष्य इस प्रांत को एक सैन्य क्षेत्र बनाना और इसके विभिन्न क्षेत्रों में सशस्त्र गुटों को जन्म देना है।
ज़मीनी हालात बताते हैं कि ओमान की तस्करी से निपटने की कार्यवाही को नाकाम बनाने के लिए महरा को कवर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है जिसका लक्ष्य मस्क़त पर, यमन और फ़ार्स खाड़ी के दो संकट के संबंध में उसके दृष्टिकोण के कारण दबाव बढ़ाना है। (MAQ)