अमरीका के षड्यंत्रों को विफल बना दिया जाएगाः सीरिया
लेबनान में सीरिया के राजदूत अली अब्दुल करीम अली ने कहा है कि सीरिया की सेना और सीरीयाई राष्ट्र अपने घटकों के साथ मिलकर देश के उत्तरी भाग में नये आतंकवादी गुट के गठन के अमरीकी प्रयासों को विफल बना देंगे।
अमरीका ने रविवार को यह एलान करके कि वह दाइश के ख़िलाफ़ कथित रूप से लड़ने वाले घटकों के साथ सीरिया के भीतर एक नई विशाल बोर्डर फ़ोर्स का गठन करने वाला है जिसमें 30000 सैनिक होंगे, तुर्की के क्रोध को भड़का दिया है।
इस फ़ोर्स को जिसकी ट्रेनिंग के क्लास जारी हैं, अमरीका समर्थित सीरियन डेमोक्रेटिक फ़ोर्सेज़ के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में भेजा जाएगा। सीरियन डेमोक्रेटिक फ़ोर्सेज़ सीरिया के उत्तरी और पूर्वी भाग में मिलिशिया गठजोड़ में शामिल है कि इस मिलिशिया गठजोड़ में कुर्दों की पीपल्ज़ प्रोटेक्शन यूनिट्स वाईपीजी का प्रभुत्व है।
सीरिया में तथाकथित आतंकवादी गुटों के विरुद्ध अमरीकी कार्यवाहियों का लक्ष्य, इस देश को तबाह व बर्बाद करना और इस देश के आधारभूत ढांचों को तबाह करना है तथा आतंकवादियों के मुक़ाबले में हर प्रकार के प्रतिरोध से जनता को रोकने के लिए उनमें भय पैदा करना है।
इराक़ और सीरिया में दाइश की पराजय के बाद यह प्रश्न पैदा होता है कि अमरीका और उसके नेतृत्व में बना गठबंधन, सीरिया में क्या नीति अपनाए हुए है? वास्तव में यह सवाल पैदा होता है कि अमरीका सीरिया से निकलने का इरादा रखता है या यह देश अब तक सीरिया के कुर्द बाहुल्य क्षेत्रों में बाक़ी रहेगा।
एेसा प्रतीत होता है कि उत्तरी सीरिया में अमरीका की हालिया कार्यवाहियों से पता चलता है कि वाशिंग्टन सीरिया में अपनी उपस्थिति को जारी रखना चाहता है और इससे बढ़कर इस देश को अपने सैनिकों की नई छावनी में बदलना चाहता है। वर्तमान समय में उत्तरी सीरिया में अमरीका की दस छावनियां हैं। बहरहाल सीरिया के अधिकारियों से सचेत किया है कि अमरीकी सैनिकों के साथ हमलावरों जैसा बर्ताव किया जाएगा। (AK)