बहरैन की शाही सरकार फ़िरऔन के रास्ते पर चल रही है,
बहरैन में वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम के ख़िलाफ़ शाही सरकार की अत्याचारपूर्ण कार्यवाहियों से आहत देश के धर्मगुरुओं ने कहा कि आले ख़लीफ़ सरकार फ़िरऔन के रास्ते पर चल रही है।
वरिष्ठ धर्मगुरुओं ने कहा कि बहरैन का वर्तमान न्यायिक सिस्टम वास्तव में जनता को कुचलने के काम आने वाला शाही सरकार का एक हथकंडा है।
बहरैन के धर्मगुरुओं ने मंगलार को एक बयान जारी आयतुल्लाह शैख़ क़ासिम को एक साल की जेल, नागरिकता समाप्त किए जाने और एक लाख दीनार के जुर्माने की सज़ा की अपील कोर्ट में पुष्टि की कड़ी आलोचना की और कहा कि फांसी की सज़ाएं सुनाना, धार्मिक संस्कारों को अपराध घोषित कर दिया जाना किसी भी राष्ट्र के लिए बहुत बड़ा ख़तरा है।
बहरैनी धर्मगुरुओं ने कहा कि बहरैन की जनता पूरी गंभीरता से अपने क्रान्तिकारी लक्ष्यों के लिए संघर्ष जारी रखेगी और सरकार के भारी दबावों और अत्याचारों के बावजूद अपने रास्ते से पीछे नहीं हटेगी।
बयान के आख़िर में कहा गया है कि बहरैन की क्रान्ति की वर्षगांठ 14 फ़रवरी के अवसर पर देश की जनता का संकल्प पहले से अधिक मज़बूत है और क्रान्ति का तूफ़ान जनता के सारे अधिकारों की प्राप्ति से पहले रुकने वाला नहीं है।