बहरैन, कई युवाओं को सज़ाए मौत और उम्र क़ैद की सज़ा
बहरैन की अदालत ने अपनी दमनात्मक कार्यवाही जारी रखते हुए देश के 14 नागरिकों को उम्र क़ैद और मौत की सज़ा सुनाई है।
मिरअतुल बहरैन समाचार एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार बहरैनी अदालत ने गुरुवार को एक राजनैतिक मामले की सुनवाई करते हुए देश के 25 नागरिकों की नागरिकता रद्द कर दी।
इस मामले की सुनवाई करते हुए बहरैनी अदालत ने एक शिया मुसलमान को सज़ाए मौत और 13 अन्य को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है।
बहरैनी युवा मूसा अब्दुल्लाह मूसा जाफ़र को एक पुलिसकर्मी की हत्या के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई है। बहरैनी वेबसाइट मिरअतुल बहरैन ने रिपोर्ट दी है कि यह युवा 2015 से जेल में बंद हैं।
बहरैनी अदालत ने इसी प्रकार बुधवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए दो युवाओं को मौत की सज़ा और 47 नागरिकों की नागरिकता रद्द करने का आदेश जारी किया था।
बहरैनी प्रशासन पिछले छह वर्षों से 11 हज़ार से अधिक नागरिकों को निराधार आरोपों के अंतर्गत गिरफ़्तार कर चुकी है जिनमें से सैकड़ों की नागरिकता रद्द करके देश से निकाल चुकी है।
बहरैन में 14 फ़रवरी से शाही सरकार के विरुद्ध जनांदोलन जारी है और जनता देश में न्याय और लोकतंत्र की स्थापना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की मांग कर रही है। (AK)