अमेरिकी निर्णय हमारे गर्व का चिन्ह हैः इस्माईल हनिया
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फिलिस्तीन के पूर्व प्रधानमंत्री इस्माईल हनिया ने अमेरिका के निर्णय को अपने लिए गर्व का चिन्ह बताया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb ०२, २०१८ १०:१९ Asia/Kolkata
  • अमेरिकी निर्णय हमारे गर्व का चिन्ह हैः इस्माईल हनिया

फिलिस्तीन के पूर्व प्रधानमंत्री इस्माईल हनिया ने अमेरिका के निर्णय को अपने लिए गर्व का चिन्ह बताया है।

फिलिस्तीन के इस्लामी संगठन हमास के राजनीतिक कार्यालय के अध्यक्ष ने अमेरिकी निर्णय की भर्त्सना में ग़ज़्ज़ा पट्टी में एकत्रित हुए लोगों के मध्य भाषण देते हुए कहा कि हमास जैसे आंदोलन में सर्वोपरि करार देना और एसे राष्ट्र के मध्य रहना हमारे लिए गर्व की बात है जो अतिग्रहणकारियों को निकालने और अपनी मातृभूमि को स्वतंत्र कराने एवं पवित्र स्थलों को वापस लेने के लिए संघर्षरत है।

फिलिस्तीनी प्रशासन के वरिष्ठ वार्ताकार साएब उरैक़ात ने भी अमेरिकी वित्तमंत्रालय के निर्णय की भर्त्सना की और कहा कि फिलिस्तीनी, फिलिस्तीनियों के खिलाफ इस निर्णय के मुखर विरोधी हैं। ज्ञात रहे कि अमेरिकी वित्तमंत्रालय ने इस्माईल हनिया सहित हमास के कुछ वरिष्ठ व सक्रिय सदस्यों का नाम आतंकवाद की सूची में शामिल कर दिया है।

हमास के एक वरिष्ठ सदस्य फत्ही हमाद ने भी कहा है कि अमेरिका ने प्रतिरोध के नेताओं का नाम आतंकवादी गुटों की सूची में शामिल करके फिलिस्तीनियों के प्रति अपनी दुश्मनी और जायोनी शासन की तरफदारी को सिद्ध कर दिया है।

हमास के सदस्य ने प्रेस टीवी से वार्ता में कहा कि यह आंदोलन अमेरिकी फैसले से नहीं डरता है और हम जायोनियों के अतिग्रहण से फिलिस्तीन की भूमियों की स्वतंत्रता के लिए प्रयास जारी रखेंगे। हमास के वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि अमेरिकी निर्णय जायोनी शासन को मान्यता देने का एक अन्य नमूना है।

एक अन्य फिलिस्तीनी अधिकारी ने प्रेस टीवी के साथ वार्ता में कहा है कि अमेरिका वास्तव में इस्राईल का समर्थक है और वह हर उस व्यक्ति या देश के मुकाबला में खड़ा हो जायेगा जो इस्राईल से मुकाबला करना चाहेगा और फिलिस्तीनी बहुत अच्छी तरह जानते हैं कि स्वयं अमेरिका मौजूद संकट का एक भाग है और अमेरिका ने अपने इस फैसले से दर्शा दिया है कि वह फिलिस्तीनियों के खिलाफ जायोनी शासन के अपराधों से सहमत है और उनका समर्थन करता है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि फिलिस्तीनियों के विरुद्ध अमेरिका की समस्त कार्यवाहियां व निर्णय सोचे- समझे बिना हो रहे हैं और यह वह विषय है जो क्षेत्र के तनाव में वृद्धि का कारण बन सकते हैं। MM