बहरैन, 140 शिया मुसलमानों के विरुद्ध 12 मार्च को होगी सुनवाई
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बहरैनी क्रांतिकारियों से प्रशासन के भय के कारण आले ख़लीफ़ा की अदालत ने 140 लोगों के विरुद्ध मुक़द्दमे की सुनवाई 12 मार्च तक के लिए टाल दी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १२, २०१८ १७:०९ Asia/Kolkata
  • बहरैन, 140 शिया मुसलमानों के विरुद्ध 12 मार्च को होगी सुनवाई

बहरैनी क्रांतिकारियों से प्रशासन के भय के कारण आले ख़लीफ़ा की अदालत ने 140 लोगों के विरुद्ध मुक़द्दमे की सुनवाई 12 मार्च तक के लिए टाल दी है।

मेहर न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों के मुक़द्दमे की सुनवाई 12 मार्च तक के लिए टाली गयी है उन पर बहरैन के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु शैख़ ईसा क़ासिम के घर का घेराव करने का आरोप है।

ज्ञात रहे कि बहरैन के न्यायालय ने निराधार आरोप के आधार पर वरिष्ठ धर्मगुरू शेख ईसा क़ासिम को एक साल की सज़ा सुनाते हुए उनकी संपत्ति को ज़ब्त करने का भी आदेश दिया था।  न्यायालय के इस आदेश के बाद बहरैनी सुरक्षाबलों ने इस देश की राजधानी मनामा के अद्देराज़ क्षेत्र में शेख ईसा क़ासिम के घर पर हमला कर दिया था जिसमें कम से कम 6 लोग मारे गए और 200 से अधिक घायल हो गए।  इस संबन्ध में सुरक्षाबलों ने लगभग 300 लोगों को गिरफ़्तार किया है।

बहरैन में 14 फ़रवरी 2011 से इस देश में अत्याचारी शासन के ख़िलाफ़ जनता का प्रदर्शन जारी है। आले ख़लीफ़ा शासन ने जनता के विरोध को दबाने के लिए विपक्ष के बहुत से नेताओं को गिरफ़्तार और उनके ख़िलाफ़ झूठे केस बनाकर उन्हें लंबी अवधि की क़ैद की सज़ा दी है या उन्हें घर में क़ैद कर दिया है।

इसी मध्य बहरैनी मानवाधिकार केन्द्र ने भी रविवार को एक बयान जारी करके कहा कि बहरैनी प्रशासन राजनैतिक बदले की भावना के अंतर्गत मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर दबाव डाल रहा है और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गतिविधियों को रोकने के लिए भय की नीति अपनाए हुए हैं। (AK)