लेबनान के प्रधानमंत्री की सऊदी यात्रा, कारण और लक्ष्य?
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लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी बुधवार को सऊदी अरब की औपचारिक यात्रा पर रियाज़ पहुंचे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb २८, २०१८ १४:३६ Asia/Kolkata

लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी बुधवार को सऊदी अरब की औपचारिक यात्रा पर रियाज़ पहुंचे।

इस दौरे में वे सऊदी नरेश सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ और सऊदी अरब के युवराज मुहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात और वार्ता करेंगे। हरीरी ने एेसी स्थिति में सऊदी अरब का दौरा किया है कि कि जब उन्होंने इस देश के पिछले दौरे के दौरान चार नवम्बर 2017 को लेबनान के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। अनेक टीकाकारों और लेबनान के सरकारी अधिकारियों ने कहा था कि उन्होंने सऊदी अधिकारियों के दबाव में त्यागपत्र दिया है। लेबनान के अधिकारियों की ओर से इस मामले को विश्व स्तर पर उठाए जाने और जनमत की ओर से सऊदी अरब पर दबाव पड़ने के बाद साद हरीरी बैरूत वापस लौटे थे और उन्होंने स्वदेश लौट कर अपना त्यागपत्र वापस ले लिया था।

 

इस बीच जो चीज़ पूरी तरह से स्पष्ट थी और जिसे साद हरीरी भी छिपा नहीं सके थे वह उनके संबंध में सऊदी अरब के रवैये पर उनकी अप्रसन्नता थी। अलबत्ता उनके पिछले दौरे की बहुत सी बातें अब भी अस्पष्ट और निरुत्तर हैं जिसके कारण लेबनान के लोग अपने देश के बारे में सऊदी अरब की नीतियों की ओर से चिंतित हैं और उन्हें लगता है कि सऊदी अरब विभिन्न बहानों से उनके देश के प्रधानमंत्री पर दबाव डाल रहा है। इस प्रकार के माहौल में सऊदी अरब ने पिछले हफ़्तों के दौरान दो अहम लक्ष्यों के साथ लेबनान में नई कूटनीति शुरू कर दी है। पहला लक्ष्य बैरूत के साथ रियाज़ के विदित संबंधों को बेहतर बनाना और दूसरा व अधिक अहम लक्ष्य इस देश के आगामी संसदीय चुनावों को प्रभावित करना है। लेबनान में 6 मार्च को संसदीय चुनाव होने वाले हैं।

 

सऊदी अरब ने इससे पहले भी लेबनान को तकफ़ीरी व आतंकी गुटों के माध्यम से अशांत बनाने की कोशिश की थी लेकिन इस देश की सेना और प्रतिरोध के मोर्चे ने उसके इस षड्यंत्र को विफल बना दिया था। इन परिस्थियों में सऊदी अधिकारी लेबनान को कमज़ोर बनाने की पुनः कोशिश कर रहे हैं। इस लिए लेबनान के अधिकारियों को सऊदी अरब की नीतियों की ओर से अधिक चौकस रहने की ज़रूरत है। (HN)