बहरैन, शिया मुसलमान की जुमे की नमाज़ पर प्रतिबंध जारी
बहरैनी की शाही सरकार के सैनिकों ने निरंतर 85वें सप्ताह पश्चिमी मनामा के क्षेत्र दुराज़ की शिया जामा मस्जिद में नमाज़े जुमा के आयोजिन की अनुमति नहीं दी।
सौतुल मनामा वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार देश की सबसे बड़ी नमाज़े जुमा के आयोजन से रोके जाने के बाद जनता ने दुराज़ क्षेत्र में शाही सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किए और नमाज़ पर लगे प्रतिबंध को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप बताया।
प्रदर्शनकारियों ने शाही सरकार के विरुद्ध नारे लगाए और आले ख़लीफ़ा सरकार की अमानवीय कार्यवाहियों की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने देश के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम की नज़रबंदी की समाप्ति की मांग की।
बहरैन की शाही सरकार ने आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम की नागरिकता रद्द करके जून 2016 से उन्हें उनके घर में ही क़ैद कर रखा है। बहरैन में फ़रवरी 2011 से जनप्रदर्शन जारी हैं जिनका लक्ष्य देश में तानाशाही सरकार को समाप्त करके लोकतंत्र की स्थापना करना है। (AK)