भ्रष्टाचार में घिरे नेतनयाहू को डरा रहा है मध्यावधि चुनाव
भ्रष्टाचार में डूबे ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री, इस्राईल में मध्यावधि चुनाव से बहुत डरे हुए हैं। इसी भय के कारण उन्होंने मध्यावधि चुनाव की मांग को ठुकरा दिया है।
आर्थिक भ्रष्टाचार में लिप्त नेतनयाहू ने कहा है कि मध्यावधि चुनाव के लिए उन्हें कोई तर्क दिखाई नहीं दे रहा है।
रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोप में अवैध ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री से इस्राईल की पुलिस सात बार लंबी पूछताछ कर चुकी है। इस पूछताछ का क्रम अभी जारी है। इसी बात के दृष्टिगत नेतनयाहू को अपना राजनैतिक भविष्य ख़तरे में दिखाई दे रहा है। एेसे में मध्यावधि चुनावों की सुगबुगाहट को नेतनयाहू ने सिरे से ख़ारिज कर दिया है। नेतनयाहू पर आर्थिक भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे हैं उनके सिद्ध होने की स्थिति में उन्हें दस वर्षों तक जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
इस्राईल की पुलिस की ओर से नेतनयाहू से लगातार पूछताछ करने के कारण उनकी राजनीतिक पोज़ीशन पर सवाल उठने लगे हैं और संचार माध्यम, इस्राईल में मध्यावधि चुनाव कराने की बात कर रहे हैं। विशेष बात यह है कि नेतनयाहू के साथ ही साथ उनकी पत्नी पर भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
दूसरी ओर नेतनयाहू पर रिश्वत के आरोप सिद्ध हो जाने के बाद इस्राईल की लेबर पार्टी के नेता और सांसद "जायर लिबिड" ने मांग की है कि नेतनयाहू को तत्काल प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए। इससे पहले बहुत से इस्राईली प्रदर्शनकारी मांग कर चुके हैं कि नेतनयाहू और उनकी कैबिनेट के सदस्यों को बर्ख़ास्त करके उनके ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चलाया जाए।