संरा फिलिस्तीनी शरणार्थियों की सहायता कम करे, इस्राईली प्रधानमंत्री की मांग
इस्राईली प्रधानमंत्री ने एक बार फिर मांग की है कि फिलिस्तीनियों की सहायता करने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था, अपनी गतिविधियां सीमित करे और अपना कार्यालय गज़्ज़ा से हटा कर जार्डन ले जाए।
फिलिस्तीनी सूत्रों ने बताया है कि इस्राईल के टीवी चैनल " टेन" के अनुसार " इस्राईली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतिन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव " एन्तोनियो गुटरेश" से म्यूनिख में होने वाली हालिया भेंट में कहा कि फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था, फिलिस्तीनी शरणार्थियों की समस्या को बाकी रखने में मदद कर रही है।
इस्राईली टीवी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बल दिया कि तीस लाख फिलिस्तीनियों की उपस्थिति की वजह से नेतिन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महाचिव से यह मांग की है।।
कार्यक्रमानुसार " अनरवा" शरणार्थी संस्था में आर्थिक संकट की समीक्षा के लिए अगले गुरुवार को एक बैठक का आयोजन होने वाला है।
अनरवा के प्रवक्ता अदनान अबू हसना ने बताया कि 15 मार्च को रोम में होने वाली इस बैठक में अमरीका द्वारा आर्थिक सहायता बंद किये जाने के बाद पैदा होने वाली स्थति पर चर्चा होगी लेकिन उन्होंने बल दिया कि यह संस्था अपनी गतिविधियां रोकेगी नहीं और उसके पास जूलाई तक, फिलिस्तीनी क्षेत्रों में राहत कार्य के लिए आवश्यक बजट है लेकिन यदि हालात एेसे ही रहे तो फिलिस्तीनी शरणर्थियों को अत्याधिक विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
यूएनआरडब्ल्यूए को 8 दिसम्बर संन 1949में संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के एक प्रस्ताव के बाद बनाया गया था और कहा गया था कि इस संस्था के गठन का मक़सद फिलिस्तीनी शरणार्थियों की मदद और उन्हें रोज़गार देना है। यह संस्था , जार्डन, सीरिया, लेबनान, अवैध अधिकृत फिलिस्तीन, पशच्मिी तट और गज़्ज़ा पट्टी में राहत कार्य करती है। (Q.A.)