क्या इराक़ का स्वयं सेवी बल भंग हो जाएगा+ फ़ोटो
इराक़ के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता अहमद महजूब ने एक बयान में इराक़ के स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी की गतिविधियों को संयुक्त अरब इमारात के परामर्श मंत्री अनवर क़रक़ाश को सचेत करते हुए इस बयान को हस्तक्षेपपूर्ण और द्विपक्षीय संबंधों को नुक़सान पहुंचाने का कारण बताया।
बग़दाद सरकार ने बारंबार बल दिया है कि इराक़ी स्वयं सेवी बल, देश की सुरक्षा संस्था का अटूट हिस्सा है और यह गुट प्रधानमंत्री के आदेशों का पालन करता है और एक सरकारी संस्था के रूप में इससे संसद ने मान्यता दी है।
स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी ने आतंकवादी गुट दाइश के विनाश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिसने इराक़ और क्षेत्र की सुरक्षा को ख़तरे में डाल दिया था।
ट्यूनीशिया के प्रसिद्ध लेखक और जेनेवा में अरब राजनैतिक केन्द्र के प्रमुख सामी जूलूली कहते हैं कि यूएई सरकार क्षेत्र में संकट पैदा करने और क्षेत्र को सांप्रदायिक दंगों में झोंकने के लिए बहुत अधिक पैसे ख़र्च करती है। उन्होंने कहा कि अबू धाबी की सत्ता में बैठे लोग अपने सऊदी समकक्षों के साथ थिंक टैक्स में बैठक क्षेत्र में तनाव पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं।
संयुक्त अरब इमारात अपने दूसरे आतंकवादियों के समर्थक अधिकारियों के साथ इस बात को जानते हैं कि स्वयं सेवी बल या हश्शदुश्शाबी के कारण इराक़ में उनके समर्थित आतंकवादियों का बोरिया बिस्तरा बंध गया और यही कारण है कि वह अपनी पराजय पर पर्दा डालने के लिए वर्तमान समय में स्वयं सेवी बल या हश्शदुश्शाबी को भंग कराने के लिए माहौल बनाने के प्रयास में हैं।
यह एेसी हालत में है कि इराक़ की संसद ने 26 नवम्बर 2016 को बहुमत के साथ स्वयं सेवी बल हशदुश्शाबी को आधिकारिक रूप से सशस्त्र सेना का दर्जा दिया था। इराक़ के वरिष्ठ धर्मगुरु आयतुल्लाह सीस्तानी के फ़त्वे के बाद से गठित होने वाले स्वयं सेवी बल में देश के हर समाज और वर्ग के लोग शामिल हैं।
वर्तमान समय में कुछ पश्चिमी और अरब सरकारें विशेषकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात विभिन्न बहानों से इराक़ सरकार पर इस बल को भंग करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। बहरहाल इराक़ी जनता और सरकार को देश की रक्षा और आतंकवाद के सफ़ाए में स्वयं सेवी बल के बलिदान अच्छी तरह याद है और वह इस संबंध में किसी भी देश या सरकार के दबाव में आने वाली नहीं है। (AK)