यमनी मीज़ाइलों से सऊदी अरब में भय
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यमन के विरुद्ध सऊदी अरब के युद्ध के चौथे साल के अवसर पर यमनी सेना ने स्थानीय स्तर पर बने मीज़ाइल सिस्टम बद्र-1 का अनावरण किया है।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Mar २३, २०१८ १२:३० Asia/Kolkata

यमन के विरुद्ध सऊदी अरब के युद्ध के चौथे साल के अवसर पर यमनी सेना ने स्थानीय स्तर पर बने मीज़ाइल सिस्टम बद्र-1 का अनावरण किया है।

यमनी सेना की मीज़ाइल यूनिट ने 22 मार्च को दक्षिणी सऊदी अरब के नजरान प्रांत में सऊदी अरब की तेल कंंपनी आराम्को के प्रतिष्ठान को कम दूरी के बद्र-1 मीज़ाइल से निशाना बनाया। यह हमला एेसी हालत में हुआ कि 26 मार्च को यमन पर सऊदी अरब के हमले को तीन वर्ष पूरे हो जाएंगे और यह युद्ध चौथे साल में दाख़िल हो जाएगा।

एेसा प्रतीत होता है कि यमन के विरुद्ध सऊदी अरब के युद्ध में रणनैतिक परिवर्तन आने वाला है और यह परिवर्तन यमन की सेना और स्वयं सेवी बल की मीज़ाइल यूनिट की शक्ति में वृद्धि से ही पैदा होगा। बद्र-1 बैलेस्टिक मीज़ाइल का अनावरण, इसी परिवर्तन का एक भाग है। 

यमन की मीज़ाइल क्षमता में वृद्धि कई आयाम से महत्वपूर्ण है। मीज़ाइल क्षमता में वृद्धि के कारण यमन की सेना और स्वयं सेवी बल अपने एयर डिफ़ेंस सिस्टम को मज़बूत कर सकते हैं और इसी परिधि में यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों की मीज़ाइल यूनिट ने 15 मार्च 2018 को ज़मीन से हवा में मार करने वाले एक मीज़ाइल द्वारा सादा प्रांत में सऊदी अरब के एक युद्धक विमान को मार गिराया।

हालिया दिनों में यमन युद्ध के समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं। सऊदी अधिकारियों को यह बात भलि भाांति पता है कि यमन युद्ध उनके लिए दलदल सिद्ध हुआ है और इस दलदल से निकलना उनके लिए आसान नहीं है। सऊदी अरब युद्ध तो शुरु कर देता है किन्तु युद्ध ख़त्म करना उसके बस की बात नहीं होती। इराक़ और सीरिया में सऊदी अरब की पराजय के बाद यमन वह तीसरा देश है जहां सऊदी अरब की हार जल्द ही नज़र आने वाली है। (AK)