इराक़ में सैन्य उपस्थिति जारी रखने पर अमरीका का बल
पश्चिमी इराक़ में अमरीकी सैन्य आप्रेशन के कमान्डर के प्रवक्ता ने इराक़ में अपने देश की सैन्य उपस्थिति जारी रखने पर बल दिया है।
अमरीकी सैन्य प्रवक्ता शेस डब्लू विलसम ने जनमत को धोखा देते हुए अपने बयान में कहा कि 15 साल से इराक़ में अमरीकी सैन्य कार्यवाहियों के बावजूद इस देश में अमरीकी सैनिकों की तैनाती की यथावत आवश्यकता है।
लेबनान के अलमयादीन टीवी चैनल ने हाल में रिपोर्ट दी है थी कि अमरीकी सेना ने इराक़ी अधिकारियों से मांग की है कि वह इराक़ में अमरीकी सैनिकों की तैनाती के लिए बीस जगहें निर्धारित करें।
यह एेसी स्थिति में है कि इराक़ी अधिकारियों ने देश में हर प्रकार की विदेशी सैन्य उपस्थिति को रद्द किया है। वाशिंग्टन इस बात पर इराक़ में अपनी सैन्य उपस्थिति को सूुरक्षित रखना चाहता है क्योंकि उसने बग़दाद सरकार के साथ सुरक्षा समझौता किया है।
इराक़ के राजनैतिक हल्क़ों का मानना है कि अमरीका की दीर्घावधि रणनीति, इराक़ी सैनिकों को कमज़ोर करने की है जबकि अमरीकी टीकाकार मध्यपूर्व में अमरीकी सैन्य उपस्थिति को तबाही और जनसंहार का कारण मानते हैं।
अमरीकी विश्लेषक स्काॅट बेन्ट का कहना है कि इराक़ी जनता की अनुमति के बना अमरीका ने व्यवहारिक रूप से इराक़ का अतिग्रहण कर लिया है। इस टीकाकार का कहना है कि इराक़ में अमरीकी सैन्य उपस्थिति पूर्ण रूप से ग़ैर क़ानूनी और युद्ध अपराध का जीता जागता सबूत है।
इराक़ से अमरीकी सैनिकों के निष्कासन पर इराक़ियों के एकमत होने और संसद में पारित प्रस्ताव के बावजूद वाशिंग्टन आतंकवाद के वरिुद्ध दिखावटी युद्ध द्वारा इराक़ में अपनी सैन्य उपस्थिति को एक बहाने के तौर पर पेश कर रहा है। (AK)