वापसी के हक़ ने ज़ायोनी अपराधों को स्पष्ट कर दियाः हनिया
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फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के प्रमुख इस्माईल हनिया ने कहा है वापसी के अधिकार के मार्च ने फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ ज़ायोनी शासन के अत्याचारों को पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr ०९, २०१८ ०४:४९ Asia/Kolkata
  • वापसी के हक़ ने ज़ायोनी अपराधों को स्पष्ट कर दियाः हनिया

फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के प्रमुख इस्माईल हनिया ने कहा है वापसी के अधिकार के मार्च ने फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ ज़ायोनी शासन के अत्याचारों को पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट दिया है।

फ़िलीस्तीनी सूचना केन्द्र की रिपोर्ट के अनुसार हमास प्रमुख इस्माईल हनिया ने अर्रेसाला नेट से अपनी बातचीत में कहा कि ज़ायोनी दुश्मन अमेरिका का समर्थन और विश्व समुदाय की चुप्पी की वजह से फ़िलिस्तीनियों का नरसंहार जारी रखे हुए है।

उन्होंने कहा कि हम दुनिया में यह बात स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि ज़ायोनी शासन की अतिक्रमणकारी नीतियां, फ़िलीस्तीनी जनता को अपने हक़ की वसूली की मांग से वापस होने पर मजबूर नहीं कर सकतीं और न ही फ़िलीस्तीनी जनता ग़ज़्ज़ा की घेराबंदी तोड़ने के अपने संघर्ष से पीछे हटेगी।

हमास के नेता इस्माईल हनिया ने कहा कि फ़िलीस्तीनी जनता अत्यंत कठोर और कठिन परिस्थितियों में भी ज़ायोनी दुश्मन की योजनाओं को विफल बना सकती है और उनके अनुमानों को ग़लत साबित करने में वह पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

उनका कहना था कि ग़ज़्ज़ा और अधिकृत फ़िलिस्तीन की सीमा की ओर दसियों हज़ार फिलिस्तीनियों का मार्च, एक बहादुर और निडर लोगों का मुँह बोलता चित्रण है जिसने ज़ायोनी शासन की सुरक्षा रणनीति को तहस-नहस करके रख दिया है।

इस्माईल हनिया का कहना था कि वापसी अधिकार रैली, जागरूकता और अंतर्दृष्टि का एक युद्ध और फिलीस्तीन के राष्ट्रीय सिद्धांतों पर बल है।

ज्ञात रहे कि पिछले 30 मार्च को वापसी के अधिकार के मार्च की शुरुआत से अब तक ज़ायोनी सैनिक तीस से अधिक फिलीस्तीनियों को शहीद और तीन हजार अन्य को घायल चुके हैं। बहुत से घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। (AK)