ग़ज़्ज़ा पट्टी, फ़िलिस्तीनियों पर फ़ायरिंग, इस्राईली सैनिकों का खेल
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ज़ायोनी मीडिया ने एेसा वीडियो जारी किया है जिसमें दिखाया गया है कि ज़ायोनी सैनिक एक फ़िलिस्तीनी युवक को गोलीमार कर ख़ुशी के मारे उछल पड़े।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr १०, २०१८ १०:३२ Asia/Kolkata
  • ग़ज़्ज़ा पट्टी, फ़िलिस्तीनियों पर फ़ायरिंग, इस्राईली सैनिकों का खेल

ज़ायोनी मीडिया ने एेसा वीडियो जारी किया है जिसमें दिखाया गया है कि ज़ायोनी सैनिक एक फ़िलिस्तीनी युवक को गोलीमार कर ख़ुशी के मारे उछल पड़े।

मेहर न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार यह वीडियो उस समय बनाया गया जब इस्राईली सैनिकों ने फ़िलिस्तीनी युवा को गोली मार कर ख़ुशी ज़ाहिर की। वीडियो देखने के बाद एेसा महसूस होता है कि इस्राईली सैनिक एक आम और निहत्थे व्यक्ति को मार कर ख़ुशी मनाते हैं और यह सब उनकी नज़र में खेल से ज़्यादा कुछ नहीं है।

इस वीडियो में दिखाया गया है कि इस्राईली सैनिक जब उक्त फ़िलिस्तीनी युवक को निशाना बनाना चाहते हैं तो वह सुरक्षा दीवार के पीछे से उस पर निशाना नहीं लगा पाते जिससे उनका ग़ुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है और वह उक्त फ़िलिस्तीनी युवक को मां बहन की गालियां देते हैं।

30 मार्च को इस्राईली सैनिकों ने 18 प्रदर्शनकारियों को सीधे गोली मारकर शहीद और 1500 से अधिक को घायल कर दिया था।

विश्व समुदाय द्वारा इस्राईल से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलियां नहीं बरसाने की अपील के बावजूद, इस्राईली सैनिक निरंतर निहत्थे फ़िलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों पर गोलियां बरसा रहे हैं और उनका जनसंहार कर रहे हैं।

पिछले 70 वर्षों के दौरान, ज़ायोनी शासन ने लाखों फ़िलिस्तीनियों को उनके घरों से उजाड़कर उनकी ज़मीनों पर क़ब्ज़ा कर लिया, जिसे वापस लेने की वे और उनके वंशज मांग कर रहे हैं।

15 मई को इस्राईल की अवैध स्थापना के अवसर पर फ़िलिस्तीनी 70वां “नकबा डे” या विनाश दिवस मनायेंगे और यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन उस दिन तक जारी रहेंगे।

15 मई 1948 को ज़ायोनी शासन की अवैध स्थापना की घोषणा के साथ ही अवैध अधिकृत इलाक़ों से तीन चौथाई फ़िलिस्तीनियों को उनके घरों से उजाड़ दिया गया था, जो आज भी ग़ज्ज़ा पट्टी और अन्य देशों में शरणार्थियों का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। (AK)