यमनी सेना की जवाबी कार्यवाही, मलिक फ़ैसल छावनी पर मीज़ाइल हमला
यमन की सेना और स्वयं सेवी बलों की मीज़ाइल यूनिट ने एक बार फिर मध्य दूरी के बैलेस्टिक मीज़ाइल से दक्षिणी सऊदी अरब की मलिक फ़ैसला छावनी पर हमला किया है।
फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार यमन की सेना ने अपने बयान में कहा है कि मलिक फ़ैसल छावनी को स्वदेश निर्मित बद्र -1 मीज़ाइल से निशाना बनाया गया।
यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों की मीज़ाइल यूनिट ने गुरुवार को भी औद्योगिक शहर जीज़ान को निशाना बनाया था।
सोमवार को यमन की सर्वोच्च राजनैतिक परिषद के प्रमुख सालेह सम्माद ने यमन पर सऊदी अरब के हमलों की चौथी बरसी के अवसर पर कहा था कि वर्ष 2018, सऊदी अरब पर मीज़ाइलों की बारिश का साल होगा।
इससे पहले यमनी सेना के प्रवक्ता शरफ़ लुक़मान ने कहा था कि सऊदी अरब के रियाज़, जीज़ान, नजरान और असीर क्षेत्र में इस देश के सामरिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचों पर मीज़ाइल और ड्रोन हमलों के बाद अगले दिनों में अतिक्रमणकारियों को और भी झटके लगने वाले हैं।
उनका कहना था कि यमनी बलों को पता है कि किस तरह दुश्मन के सैन्य व आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना है उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि यमन की सेना इस समय पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली हो चुकी है, कहा कि अबहा हवाई अड्डे पर "क़ासिफ़" ड्रोन से हमला, ड्रोन से मीज़ाइल हमले की क्षमता बढ़ाने के मार्ग में एक रणनैतिक क़दम था।
ज्ञात रहे कि यमनी बलों ने बुधवार को सऊदी अरब के असीर प्रांत के अबहा हवाई अड्डे और जीज़ान में आरामको तेल कंपनी की इकाई पर ड्रोन से हमला किया था। (AK)