सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप की जुगत में अमरीका
सीरिया के राष्ट्रपति की सलाहकार बुसैना शाबान ने सीरिया में अमरीकी सैनिकों की जगह अरब देशों की सेना तैनात करने की अमरीका की कोशिशों के जवाब में कहा कि सीरिया की धरती पर ख़ुद अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति ग़ैर क़ानूनी है।
राष्ट्रपति बश्शार असद की राजनैतिक व प्राचारिक मामलों की सलाहकार बुसैना शाबान ने रशा टुडे को इंटरव्यू देते हुए कहा कि मीडिया रिपोर्टों में यह बात कही गई है कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प यह कोशिश कर रहे हैं कि सीरिया के जिस इलाक़े में अमरीकी सैनिक तैनात हैं वहां अरब देशों की सेना आकर इन सैनिकों की स्थान ले, यदि यह रिपोर्टें सही हैं तो यह बड़े आश्चर्य की बात होगी क्योंकि ख़ुद अमरीका की सीरिया में सैनिक उपस्थिति ग़ैर क़ानूनी है।
हालिया दिनों में वाॅल स्ट्रीट जनरल ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प, सीरिया में अमरीकी सैनिकों के एक बड़े भाग की जगह अरब सेना को तैनात करने का प्रयास कर रहे हैं। यह समाचार पत्र लिखता है कि अमरीका ने सऊदी और संयुक्त अरब इमारात सहित कुछ अरब देशों के अधिकारियों से वह अरबों डाॅलर लगाकर इस गठबंधन में भाग लें और अपने सैनिक सीरिया भेजें।
ट्रम्प की इस योजना पर अरब जगत की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इराक़ की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार फ़ालेह फ़ैय्याज़ ने तुरंत ही एक बयान जारी करके कहा कि बग़दाद, अपने सैनिकों को सीरिया भेजने का विरोधी है। (AK)