अमरीकी विदेशमंत्री की सऊदी अरब यात्रा
अमरीका के नए विदेशमंत्री माइक पम्पयू अपनी विदेश यात्रा में सऊदी अरब पहुंचे।
अमरीका के नए विदेशमंत्री सऊदी अरब से पहले नेटो के सम्मेलन में भाग लेने के उद्देश्य से ब्रसल्ज़ गए थे जहां से वे सीधे रेयाज़ पहुंचे। मध्यपूर्व की यात्रा में उन्होंने पहले सऊदी अरब का चयन किया। पिछले साल अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सऊदी अरब की यात्रा की थी। इससे पता चलता है कि ट्रम्प सरकार की विदेश नीति विशेषकर मध्यपूर्व के संबन्ध में सऊदी अरब सर्वोपरि है।
इसके बावजूद अमरीका के व्यापारी राष्ट्रपति की दृष्टि में सऊदी अरब का विशेष महत्व इसलिए है कि इस देश के पास बहुत अधिक तेल है। संचार माध्यमों के अनुसार अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सऊदी अरब के युवराज के इस आश्वासन के बाद सऊदी अरब की यात्रा पर सहमति बनाई थी जब उन्होंने यह वचन दिया था कि ट्रम्प की रेयाज़ यात्रा के दौरान बड़े-बड़े समझौते किये जाएंगे। ट्रम्प के सऊदी अरब के दौरे के दौरान 450 अरब डाॅलर के समझौते किये गए। इनमे से एक समझौता 110 अरब डाॅलर का था जो हथियारों के बारे में था। सऊदी अरब की अपनी यात्रा की उपलब्धियां गिनाते हुए ट्रम्प ने कहा था इससे देश में रोज़गार सृजन में बहुत सहायता मिलेगी।
अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प की यात्रा के ठी एक साल के बाद इस देश के नए विदेशमंत्री माइक पम्पयू, सऊदी अरब पहुंचे हैं। जानकारों का कहना है कि अपनी इस यात्रा में अमरीका के विदेशमंत्री, क्षेत्र के अरब देशों को इस क्षेत्र में अमरीकी खर्चों का भार उठाने के लिए प्रेरित करेंगे। डोनाल्ड ट्रम्प ने फ़्रांस के राष्ट्रपति की हालिया अमरीका यात्रा से कुछ समय पहले स्पष्ट किया था कि पश्चिमी एशिया में अमरीका जो ख़र्च कर रहा है उसकी ज़िम्मेदारी श्रेत्र के अरब देशों को उठानी चाहिए। ट्रम्प ने यह भी कहा था कि मध्यूपर्व में एेसे देश भी हैं जो अमरीकी सहायता के बिना एक सप्ताह तक बाक़ी नहीं रह सकते। संचार माध्यमों ने क्षेत्र में सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, बहरैन और क़तर को अमीर देश बताया।
इस घोषणा के कुछ ही दिनों के बाद, जिसमें एक प्रकार से मध्यपूर्व के परिवर्तनों के संबन्ध में अमरीकी रणनीति स्पष्ट की गई है, इस देश के नए विदेशमंत्री सऊदी अधिकारियों से भेंटवार्ता के लिए रेयाज़ गए। एेसा लगता है कि इस भेंटवार्ता में अमरीका का यह प्रयास होगा कि वह ईरान तथा सीरिया के विरुद्ध आक्रमक रुख अपनाने के बारे में सऊदी अधिकारियों को सूचित करेंगे।