लेबनान के चुनाव परिणाम, हिज़्बुल्लाह की सफलता के सूचक हैं
लेबनान के गृहमंत्री नेहाद अलमशनूक़ ने कहा है कि लेबनान में होने वाले संसदीय चुनाव में 49 प्रतिशत से अधिक लोगों ने भाग लिया है।
लेबनान के चुनाव परिणामों की ग़ैर आधिकारिक घोषणा इस बात की सूचक है कि इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह और उसके घटकों को चुनावों में ध्यानयोग्य सफलता मिली है जबकि साद हरीरी की अध्यक्षता में अलमुस्तबल धड़े को पराजय का सामना करना पड़ा है और लेबनानी जनता ने अपने देश के आंतरिक मामलों में सऊदी अरब के हस्तक्षेप का मुखर विरोध किया है।
लेबनान के गृहमंत्री नेहाद अलमशनूक़ ने कहा है कि लेबनान में होने वाले संसदीय चुनाव में 49 प्रतिशत से अधिक लोगों ने भाग लिया है।
समाचार एजेन्सी रोयटर ने खबर दी है कि लेबनान के चुनाव परिणामों की अनौपचारिक घोषणा हिज़्बुल्लाह और उसके घटकों की विजय की सूचक है। इसी प्रकार रोयटर ने सूचना दी है कि संसद की आधी से अधिक सीटें हिज़्बुल्लाह और उसके घटकों ने जीती है।
लेबनान में रविवार को होने वाले चुनाव में विभिन्न पहलुओं से साद हरीरी के धड़े की हार हुई है और इस देश की आगामी संसद में अलमुस्तकबल धड़े की सीटें कम हो गयी हैं।
अंतिम चुनाव परिणाम के अनुसार अलमुस्तकबल धड़े का प्रदर्शन बैरूत और त्राबलस में भी निराशा जनक रहा है और इन क्षेत्रों की कुछ सीटें भी उसके हाथ से निकल गयी हैं।
लेबनान के संसदीय चुनाव का एक महत्वपूर्ण संदेश, इस्लामी प्रतिरोध की विजय और सऊदी अरब की पराजय है।
इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज्बुल्लाह को जो सफलता मिली है उसका रहस्य देश की सुरक्षा पूरी करने और सीरिया में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने में हिज़्बुल्लाह की भूमिका है।
लेबनानी जनता ने हिज़्बुल्लाह की रचनात्मक भूमिका के कारण उसे मत दिया यहां तक कि इस बार हिज़्बुल्लाह और उसके घटकों को जो मत मिले हैं वह आरंभिक अटकलों से भी अधिक हैं।
अरब जगत के मामलों के विशेषज्ञ मोहम्मद अली मोहतदी लेबनान के संसदीय चुनावों के परिणामों का विश्लेषण करते हुए उसे सऊदी अरब की हार बताते और कहते हैं कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के पैसे और अमेरिका के वादे लेबनानी जनता को हिज़्बुल्लाह से दूर नहीं कर सके और लेबनान को बहिष्कार की धमकी का उल्टा परिणाम निकला है। MM