भयानक साज़िश के निशाने पर फ़िलिस्तीन लेकिन अरब ख़ामोश हैं!
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फ़िलिस्तीनी राष्ट्र नकबह दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है जबकि इससे पहले अमरीकी दूतावास तेल अबीब से बैतुल मुक़द्दस नगर स्थानान्तरित करने क अमरीका की योजना से फ़िलिस्तीनियों में आक्रोण और भी बढ़ गया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May १४, २०१८ १२:४४ Asia/Kolkata
  • भयानक साज़िश के निशाने पर फ़िलिस्तीन लेकिन अरब ख़ामोश हैं!

फ़िलिस्तीनी राष्ट्र नकबह दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है जबकि इससे पहले अमरीकी दूतावास तेल अबीब से बैतुल मुक़द्दस नगर स्थानान्तरित करने क अमरीका की योजना से फ़िलिस्तीनियों में आक्रोण और भी बढ़ गया है।

फ़िलिस्तीन की जनता 15 मई को नकबह दिवस अर्थात दुर्भाग्य का दिन मनाती है जिस दिन फ़िलिस्तीन की धरती पर ग़ैर क़ानूनी रूप से क़ब्ज़ा करके इस्राईल की स्थापना की घोषणा की गई थी। इस्राईल के नाम से ग़ैर क़ानूनी शासन की स्थापना के लिए 7 लाख 60 हज़ार फ़िलिस्तीनियों को उनके घरबार से खदेड़ दिया गया और उनका बहुत बड़े पैमाने पर नरसंहार किया गया। इस बार 15 मई सोमवार को नकबह दिवस के अवसर पर अमरीका अपना दूतावास तेल अबीब से बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित कर रहा है।

अतीत में भी कई देशों के दूतावास बैतुल मुक़द्दस में थे। अकतूबर 1973 के युद्ध के बाद आइवरी कोस्ट, कांगो, केन्या ने अपने संबंध इस्राईल से तोड़ लिए और अपने दूतावास बंद कर दिए बाद में इन देशों ने इस्राईल से अपने संबंध बाद में बहाल कर लिए लेकिन दूतावास तेल अबीब स्थानान्तरित कर दिया।

वर्ष 1980 में इस्राईल ने एक क़ानून पास करके पूर्वी बैतुल मुक़द्दस को अपना भाग और अपनी राजधानी घोषित कर दिया। इस्राईल के इस क़दम को विश्व समुदाय और संयुक्त राष्ट्र संघ ने स्वीकार नहीं किया।

संयुक्त राष्ट्र की नज़र में पूर्वी बैतुल मुक़द्दस पर इस्राईल का क़ब्ज़ा ग़ैर क़ानूनी है और इस धरती पर इस्राईल की संप्रभुता नहीं है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने भी कहा कि इस्राईल का यह क़दम ग़ैर क़ानूनी है और साथ ही उन देशों से जिन्होंने बैतुल मुक़द्दस में अपने कूटनयिक संस्थान बनाए थे मांग की कि वह अपने संस्थान वहां से हटा लें।

सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव के बाद हालैंड, हैती तथा लैटिकन अमेरिका के कई देशों ने अपने दूतावासों को वहां से हटा लिया।

वर्ष 1984 में कास्टारिका और सेल्वाडोर ने अपना दूतावास बैतुल मुक़द्दस में बना लिया लेकिन वर्ष 2006 में उसे पुनः तेल अबीब स्थानान्तरित कर दिया।

गत वर्ष 6 दिसम्बर को अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि अमरीका बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी मानता है और अपना दूतावास वहां स्थानान्तरित करेगा। इस घोषणा का इस्राईल ने स्वागत किया लेकिन दुनिया भर में इसकी भर्त्सना की गई।

ट्रम्प की इस घोषणा के बाद कुछ अन्य देशों जैसे गोटेमाला ने कहा कि वह भी अपना दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित करेगा। प्राग्वे ने भी घोषणा की है कि उसका दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित होगा।

उधर रोमानिया के राष्ट्रपति क्लाउस यूहानेस ने गत 27 अप्रैल को प्रधानमंत्री फ़्युरिका डैन्शीला से त्यागपत्र ले लिया जिन्होंने रोमानिया का दूतावास तेल अबीब स्थानान्तरित करने पर स्वीकृति जता दी थी। यदि रोमानिया का दूतावास स्थानान्तरित हो जाता है तो वह यूरोपीय संघ का पहला देश होगा जो अपना दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित करेगा। यूहानेस ने कहा कि दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित करना अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के ख़िलाफ़ है। उन्होंने प्रधानमंत्री के फ़ैसले का विरोध करते हुए कहा कि मुझे इसकी पहले सूचना नहीं दी गई थी।

चेक गणराज्य ने 25 अप्रैल को घोषणा की कि वह बैतुल मुक़द्दस में काउंस्लेट खोलेगा

दूसरी ओर फ़िलिस्तीनी मीडिया का कहना है कि जापान के प्रधानमंत्री शिन्ज़ो आबे ने फ़िलिस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास को विश्वास दिलाया है कि उनका देश अपना दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित नहीं करेगा।

ट्रम्प की घोषणा के बाद यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी फ़ेडरीका मोग्रीनी ने कहा कि ट्रम्प की घोषणा गहरी चिंता का विषय है। यह फ़ैसला हमें वर्तमान समय से अधिक जटिल और अंधकारमय परिस्थितियों में पहुंचा देगा। सभी संबंधित पक्षों को चाहिए कि सूझबूझ से काम करें और उत्तेजना फैलाने वाले क़दम न उठाएं।

मोग्रीनी ने कहा कि यूरोपीय संघ का फ़ैसला एक और स्पष्ट है।

यूरोपीय संघ की इस घोषणा के बाद इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने ब्रसेल्ज़ का दौरा करके यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में नेतनयाहू ने कहा कि मेरे विचार में सभी या अधिकतर यूरोपीय देश भविष्य में धीरे धीरे अपने दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित कर लेंगे लेकिन इस पर यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा कि यूरोपीय संघ एसा क़दम हरगिज़ नहीं उठाएगा।

मिस्री राजनेता और आईएईए के पूर्व प्रमुख मुहम्मद अलबरादेई ने अमरीकी दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित किए जाने का बड़े दुख के साथ उल्लेख किया है और अपने ट्वीटर पर एकाउंट पर लिखा कि फ़िलिस्तीन के मुद्दे को पूरी तरह मिटा देने की कोशिश के तहत अमरीका का दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित किया जा रहा है और इस अवसर पर आयोजित समारोह में कई देश भाग ले रहे हैं। ग़ज़्ज़ा पट्टी के लोगों के प्रदर्शनों के अलावा अरब जगत ख़ामोश है। हम दुनिया को यही संदेश दे रहे हैं कि फ़िलिस्तीन का मुद्दा अब हमारा मुद्दा नहीं रह गया है।