सीरिया से अमरीका के बाहर निकलने पर बश्शार असद का बल
सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार ने रशा टूडे से बात करते हुए अपने देश में अमरीका की विध्वंसक भूमिका के दृष्टिगत सीरिया से उसके तुरंत बाहर निकलने की मांग दोहराई है।
अमरीका, सीरिया में संकट उत्पन्न करने और उसे जारी रखने का मुख्य कारण है। अमरीका की सरकार, जो पश्चिम एशिया में इस्राईल की सबसे बड़ी समर्थक है, वर्ष 2011 से सीरिया की बश्शार असद सरकार को गिराने की कोशिश में है क्योंकि एक ओर क्षेत्र में वाॅशिंग्टन के घटकों को जन आपत्तियों का सामना है और दूसरी ओर इस क्षेत्र में प्रतिरोध का मोर्चा मज़बूत होता जा रहा है। अमरीका ने सीरिया की सरकार को गिराने के लिए उन आतंकियों से लाभ उठाया जिन्हें उसने मध्यपूर्व के क्षेत्र में अस्तित्व प्रदान किया था लेकिन सीरिया में बड़ी संख्या में आतंकवादियों को भेज कर भी अमरीका इस देश की क़ानूनी सरकार को गिरा नहीं सका।
इस समय अमरीका ने सीरिया के घटकों के ख़िलाफ़ मनोवैज्ञानिक लड़ाई छेड़ रखी है। इस परिप्रेक्ष्य में वह ईरान समेत सभी विदेशी बलों के सीरिया से बाहर निकलने की मांग कर रहा है। सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद ने अपने इंटरव्यू में अमरीका की इस कोशिश को मानसिक प्रचार बताया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि कभी भी ईरान के सैनिक सीरिया में नहीं रहे हैं बल्कि केवल ईरान के सैन्य सलाहकार सीरिया में हैं जो इस देश की सेना की मदद कर रहे हैं। बश्शार असद का कहना है कि ईरान के सैन्य सलाहकार सीरियाई सरकार के निवेदन पर इस देश में मौजूद हैं और उनकी उपस्थिति क़ानूनी है लेकिन अमरीकी सैनिक ग़ैर क़ानूनी ढंग से और हस्तक्षेपपूर्ण क़दम के अंतर्गत सीरिया में हैं और उन्हें तत्काल इस देश से निकल जाना चाहिए। (HN)