सऊदी घटकों ने मलिक सलमान को सांत्वना दी
यमनी सेना के जवानों ने सऊदी अरब के सीमावर्ती नगर जीज़ान में सऊदी ठिकानों को लक्ष्य बनाया और इस हमले के परिणाम में कई सऊदी अफ़सर मारे गये।
यमन के ख़िलाफ सऊदी अरब की अगुवाई में बने गठबंधन के प्रवक्ता ने कहा है कि अब तक यमन की ओर से सऊदी अरब की तरफ 149 मिज़ाइल फायर किये जा चुके हैं।
यमन की ओर से फायर किये गये मिज़ाइल और यमन की मिजाइल क्षमता के बारे में सऊदी गठबंधन की स्वीकारोक्ति इस बात की सूचक है कि यमन की मिज़ाइल शक्ति ने पहले से अधिक अतिक्रमणकारियों के समीकरण को विफल बना दिया है।
यमन में अतिक्रमणों के बावजूद सऊदी अरब की अगुवाई में बने गठबंधन को अधिक विफलता का सामना है और सऊदी अरब के पाश्विक हमलों के जवाब में यमन के मिसाइल हमलों ने समीकरण को यमनी जनता के हित में परिवर्तित कर दिया है।
अभी हाल ही में यमनी सेना के जवानों ने सऊदी अरब के सीमावर्ती नगर जीज़ान में सऊदी ठिकानों को लक्ष्य बनाया और इस हमले के परिणाम में कई सऊदी अफ़सर मारे गये। इसी प्रकार इस हमले में कई दूसरे सऊदी सैनिक घायल भी हो गये।
यमनी सेना को मिलने वाली इस बड़ी उपलब्धि के बाद संयुक्त अरब इमारात सहित सऊदी अरब के घटकों ने इस देश के नरेश मलिक सलमान को संदेश भेजकर सांत्वना दी। यह सांत्वना संदेश इस झूठ के भी खुल जाने का कारण बना कि सऊदी अरब की प्रतिरक्षा प्रणाली यमनी मिसाइलों को निष्क्रिय बना देती है और वे उसकी पकड़ में हैं।
सऊदी अरब की अगुवाई में बना गठबंधन अमेरिका और कुछ अरब शासकों की हरी झंडी पर एकजुट हुआ और वह कुछ ही समय में यमन पर कब्ज़ा कर लेने की चेष्टा में था परंतु 26 मार्च 2015 से सऊदी अरब के पाश्विक हमले जारी हैं और आज तक यह गठबंधन अपने लक्ष्यों को साधने में सफल न हो सका।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के एक तुर्क विशेषज्ञ सलीम याशार ने कहा है कि यमनी जनता के खिलाफ युद्ध में आले सऊद को मिलने वाली निरंतर पराजय सऊदी अरब की बदहवासी का कारण बनी है। MM