तुर्की, आपातकाल हटने से पहले 18500 सरकारी कर्मी अपदस्थ
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तुर्क अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों और सैन्य कर्मियों सहित 18 हज़ार 5 सौ सरकारी कर्मियों को विद्रोह की स्थिति के दृष्टिगत लगाए गये 2 वर्षीय आपातकाल की समाप्ति से पूर्व अपदस्थ कर दिया।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Jul ०९, २०१८ ०५:२५ Asia/Kolkata
  • तुर्की, आपातकाल हटने से पहले 18500 सरकारी कर्मी अपदस्थ

तुर्क अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों और सैन्य कर्मियों सहित 18 हज़ार 5 सौ सरकारी कर्मियों को विद्रोह की स्थिति के दृष्टिगत लगाए गये 2 वर्षीय आपातकाल की समाप्ति से पूर्व अपदस्थ कर दिया।

एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी घोषणापत्र में कहा गया है कि 18 हज़ार 632 लोगों को अपदस्थ कर दिया गया है जिनमें 8 हज़ार 998 पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं, इन अधिकारियों को देश की सुरक्षा के विरुद्ध काम करने वाले कथित आतंकी संगठन का साथ देने पर अपदस्थ किया गया।

ज्ञात रहे कि तुर्की में जुलाई वर्ष 2016 को विफल विद्रोह के बाद से आपातकाल लागू है किन्तु यूरोपीय संघ और आलोचकों ने बारंबार अंकारा से इसकी समाप्ति की मांग की थी।

तुर्क मीडिया के अनुसार रविवार को सरकारीकर्मियों के निष्कासन का अंतिम शरण पूरा हो गया किन्तु अधिकारियों ने संकेत दिया था कि सोमवार की सुबह से दोबारा आपातकाल लागू हो सकता है। आलोचकों का कहना है कि तुर्क राष्ट्रपति आपातकाल लागू किए जाने पर अधिकारों को प्रयोग कर रहे हैं ताकि विरोधियों को निशाना बनाया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि यह यह बहुत आवश्यक है कि ताकि सरकारी संस्थाओं में मौजूद ख़तरों को समाप्त किया जा सके। ज्ञात रहे कि तुर्की में 2017 के जनमत संग्रह के बाद संविधान के परिवर्तन के बाद वर्तमान संसदीय चुनाव का भी उसी दिन समापन होगा।

तुर्क चुनाव से पहले रजब तैयब अर्दोग़ान ने अपने चुनावी अभियान के दौरान देश में आपातकाल को समाप्त करने का भी वचन दिया था। तुर्की ने अमरीका में रहने वाले बुद्धिजीवी फ़त्हुल्लाह गूलन पर विद्रोह का आरोप लगाया था।

अपदस्थ किए गये अधिकतर लोगों पर आरोप है कि उन का संबंध, फ़त्हुल्लाह गूलन से है। जुलाई वर्ष 2016 में लागू किए गये आपातकालीन के बाद से अब तक 1 लाख 10 हज़ार के क़रीब सरकारी कर्मियों को अपदस्थ किया जा चुका है। (AK)