इराक़, हशदुश्शाबी के विरुद्ध फिर षड्यंत्र शुरु
इराक़ी स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी के एक वरिष्ठ कमान्डर लैस बग़दादी ने स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी को समाप्त करने के अमरीकी प्रयास की सूचना दी है और इसे देश के आंतरिक मामले में वाशिंग्टन का खुला हस्तक्षेप बताया है।
स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी का गठन वर्ष 2014 में हुआ था। इस गुट में एक लाख से अधिक सदस्य हैं। इसमें हर धर्म और वर्ग के लोग हैं और इसका मुख्य लक्ष्य देश में सुरक्षा स्थापित करना है। इराक़ पर आतंकवादी गुट दाइश के हमले और कई क्षेत्रों पर नियंत्रण के बाद आयतुल्लाह सीस्तानी ने स्वयं सेवी बल के गठन का फ़त्वा दिया था। स्वयं सेवी बलों ने सेना के साथ व्यापक कार्यवाही करके देश से आतंकवादी गुट दाइश को खदेड़ दिया। स्वयं सेवी बल को इराक़ी संसद ने मान्यता दी है और यह गुट प्रधानमंत्री के अधीन है।
अब सवाल यह पैदा होता है कि अमरीका और उसके कुछ पश्चिमी घटक स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी को समाप्त करने के लिए क्यों प्रयास कर रहे हैं?
इस सवाला का सबसे महत्वपूर्ण जवाब यह है कि स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी गुट अपने क्रियाक्लापों और पहचान के लेहाज़ से अमरीका के हितों से मेल नहीं खाता। स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी की गिनती उन गुटों में होती है जो देश के आंतरिक मामलों में पश्चिम विशेषकर अमरीका के हस्तक्षेप के विरोधी हैं ।
अमरीका स्वयं सेवी बल हश्दुश्शाबी को अपने हितों के विरुद्ध समझता है और वह मध्यपूर्व में इस गुट के शक्तिशाली होने को सहन नहीं कर पा रहा है और इसका मुख्य उदाहरण वाशिंग्टन द्वारा लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़बुल्लाह को आतंकवादी गुट क़रार देना और यमन के स्वयं सेवी बल अंसारुल्लाह पर दबाव डालना है। (AK)