सऊदी अरब में विदेशियों के रोज़गार को लगा एक और झटका
सऊदी अरब सरकार दिन प्रतिदिन विदेशी श्रमिकों और कर्मचारियों पर नकेल कसती जा रही है।
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब में जारी वर्ष की पहली छमाही में नौकरी गंवाने वाले विदेशी श्रमिकों और कर्मचारियों की संख्या में रेकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली है। सऊदी शासन ने इस्लामी कैलेंडर के नव वर्ष से 12 क्षेत्रों में विदेशियों की भर्तियों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली है।
सऊदी समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक़, जारी वर्ष 2018 की पहली तिमाही में 3 लाख 13 हज़ार और दूसरी तिमाही में एक लाख 99 हज़ार विदेशी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है। कुल मिलाकर सऊदी अरब की सरकार ने जारी वर्ष में अब तक 5 लाख 12 हज़ार विदेशियों को बेरोज़गार कर दिया है। सऊदी मीडिया के सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामी कैलेंडर के नव वर्ष (सितंबर 2018) से सऊदी अरब में गाड़ियों, साइकिलों, कपड़ों, घरेलू और कार्यालयों के समानों की दुकानों में किसी भी विदेशी श्रमिकों और कर्मचारियों को काम देना वर्जित होगा।
जानकारों का मानना है कि दिन प्रतिदिन सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था ख़राब होती जा रही है। आले सऊद शासन की युद्धोन्मादी नीतियों के कारण एक ओर सऊदी सरकार विदेशियों को बेरोज़गार कर रही है वहीं दूसरी ओर आले सऊद से नफ़रत करने वालों की पूरी दुनिया में संख्या भी बड़ी तेज़ी से बढ़ती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 26 मार्च 2015 से सऊदी अरब यमन की ग़रीब जनता पर निरंतर हमले कर रहा है और आए दिन सैकड़ों की संख्या में इस देश की आम जनता पर बम बरसा रहा है। इन सब के बावजूद जहां सऊदी अरब सरकार को कोई कामयाबी नहीं मिली है वहीं पर उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। (RZ)