सऊदी राजकुमारों की अमीरी के पीछे छिपी कहानियां
सऊदी अरब के शहज़ादे विशेषकर ख़बरों में रहने वाले इस देश के शहज़ादे अर्थात मुहम्मद बिन सलमान, सऊदी नरेश के आदेश से भ्रष्टाचार से संघर्ष समिति का प्रमुख बन गये ताकि इस स्थिति से भरपूर लाभ उठाते हुए अपने विरोधियों को राजनैतिक मंच से हटा सकें किन्तु फ़्रांस में बड़े बड़े संसाधनों से लैस आधुनिक महल, एक आलीशान मनोरंजन का पानी का जहाज़ तथा लियोनार्ड दावेन्ची की मंहगी पेंटिंग ख़रीदकर ख़ुद ही ख़बरों में बन गये।
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को जैसे ही देश में भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति का प्रमुख बनाया गया तो उन्होंने तुरंत ही अपने विरोधियों और संभावित प्रतिद्वंदियों को रास्ते से हटाना शुरु कर दिया। 32 वर्षीय मुहम्मद बिन सलमान ने जून में 58 वर्षीय मुहम्मद बिन नाएफ़ को जो क़ानूनी तौर पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस थे, रास्ते से हटा दिया और स्वयं को अपने पिता का उतराधिकारी घोषित कर दिया।

मुहम्मद बिन सलमान ने नरेश बनने से पहले ही अपने विरोधियों को रास्ते से हटाना शुरु कर दिया। मुहम्मद बिन सलमान की दूसरी कार्यवाहियों में यमन पर सैन्य हमला, अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार को प्रभावित करके ऊर्जा नीति को डिक्टेट करने तथा तेल के बाद सऊदी अरब की नयी आर्थिक योजनाओं को लागू किए जाने की ओर संकेत किया जा सकता है।

इस बात के दृष्टिगत कि सऊदी अरब में भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के प्रमुख हैं, उनके पास यह भी शक्ति है कि वह अन्य राजकुमारों की यात्राओं और उनकी धन संपत्तियों को रोकने का आदेश दे सकते हैं। सऊदी नरेश के आदेश से चार मंत्रियों को अपदस्थ करने और 11 राजकुमारों को गिरफ़्तार किया गया, अभी यह मामला रुका नहीं और भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध आंदोलन तेज़ हो गया।

मुहम्मद बिन सलमान ने भ्रष्टाचार से संघर्ष के क्षेत्र में जो पहला काम किया वह राजकुमार वलीद बिन तलाल की गिरफ़्तारी थी। वलीद बिन तलाल को नवम्बर के महीने में दस राजनेताओं और व्यापारियों के साथ गिरफ़्तार किया। बताया जाता है कि राजकुमार वलीद बिन तलाल की कुल संपत्ति 17 अरब डालर थी। वह किंग्डम होल्डिंग कंपनी के मालिक और प्रमुख थे, यह कंपनी सऊदी अरब की बड़ी व्यापारिक कंपनियों में है। किंग्डम होल्डिंग ग्रुप, सऊदी अरब का पुराना सरकारी ग्रुप है जिसमें कई कंपनियां शामिल हैं। सऊदी अरब के राजुकार ने घोषणा की है कि स्नैप चैट कंपनी के साथ 25 करोड़ डालर के समझौते के बाद इस कंपनी के 2.3 के शेयर ख़रीद लिए।

अरबपति शहज़ादा वलीद बिन तलाल ने एक ट्वीट द्वारा घोषणा की कि 95 करोड़ सऊदी रियाल ( 25 करोड़ डालर ) स्नैप चैट के 2.3 प्रतिशत शेयर के लिए ख़र्च किए। वलीद बिन तलाल ने ट्वीट के साथ एक बयान जारी किया जिसमें लिखा कि स्नैप चैट एप्लीकेश्न, सोशल मीडिया की विकासित वेबसाइट है और मैं समझता हूं कि सोशल मीडिया अपनी नई राह की ओर बढ़ रहा है।
पेरिस में वर्ष 2015 में बिन सलमान ने एक आलीशान महल ख़रीदा, इस गुमनाम शहज़ादे की पहचान आम हो गये।

दो साल पहले ही चौदहवें लुईस के मरम्मत हुआ महल बेचा गया। फोर्चनूज़ पत्रिका ने इसको दुनिया का सबसे मंहगा घर बताया। इस पत्रिका के संपादक इस महल को देखकर हैरान हो गये और उन्होंने इसके बारे में अपनी पत्रिका में एक लेख डाला। संपादकीय लिख तो दिया गया किन्तु इस तीस करोड़ डालर के महल के मालिक का नाम ग़ायब था। अब पता चला कि वह ख़रीददार मुहम्मद बिन सलमान है। सऊदी अरब के राजकुमार के लिए इस महल का ख़रीदना बहुत बड़ा मामला था किन्तु वह इसी पर नहीं रुके उन्होंने 50 करोड़ का एक मनोरंजन पानी का जहाज़ ख़रीदा और उसके बाद भी वह नहीं माने और 45 करोड़ की लियोनार्ड दावेन्ची की पेंटिंग ख़रीद डाली।

बहुत से टीकाकारों का यह मानना है कि सऊदी अरब के बहुत से राजकुमार, मुहम्मद बिन सलमान की हमलावर नीति, जैसे यमन पर हमला, क़तर पर प्रतिबंध और इसी प्रकार उनके आंतरिक सुधार जैसे सरकारी संपत्ति को अपना बनाना या सार्वजनिक सब्सिडी को समाप्ति करने के विरोधी थी इसीलिए उन्हें रास्ते से हटा दिया गया और ऐसा प्रतीत होता है कि सऊदी अरब का यह जवान राजकुमार, सऊदी अरब की धार्मिक पुलिस की गतिविधियों को सीमित करके, महिलाओं को ड्राइविंग की अनुमति देकर और देश में सिनेमाघरों को फिर से खोलकर युवा वर्ग का समर्थन प्राप्त करके अपनी धन सपंत्ति बढ़ाना और सरकार ख़ज़ाने को लूटने के प्रयास में है। (AK)