आतंकवादियों के ठिकाने पर हमले से घबराए ट्रम्प
अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सीरिया में आतंकवादियों के अन्तिम ठिकाने पर इस देश की सेना के हमले पर चिंता व्यक्त की है।
सीरिया के इदलिब में आतंकवादियों के अन्तिम ठिकाने पर इस देश की सेना के हमले ने डोनाल्ड ट्रम्प को चिंतित कर दिया है।
ट्रम्प ने अपने ट्वीट संदेश मे कहा है कि दमिश्क़ को इदलिब पर हमला नहीं करना चाहिए। मंगलवार की रात ट्वीट करते हुए ट्रम्प ने लिखा है कि बश्शार असद को सीरिया के इदलिब में भीषण हमला नहीं करना चाहिए कि क्योंकि यह हमला, उन्हीं के कथनानुसार, बहुत भयावह होगा। ट्रम्प ने इसी प्रकार ईरान और रूस से मांग की है कि वे ट्रम्प के कथनानुसार, इस ग़लती का भाग न बनें।
सीरियाई सेना ने इस देश में आतंकवादियों के अंतिम ठिकाने इदलिब और उसके आसपास के क्षेत्रों पर भीषण बमबारी की है। दमिश्क़ में रक्षा और सैन्य सूत्रों ने बताया कि सीरियाई सेना ने पिछले कुछ घंटों के दौरान पूर्वी सुवैदा के मरुस्थलीय क्षेत्र तलूल सफ़ा में आतंकवादी गुट दाइश के आख़िरी ठिकाने को तहस नहस कर दिया है।
दूसरी ओर सीरिया के विदेशमंत्री वलीद अलमुअल्लिम ने कहा है कि ब्रिटेन की गुप्तचर संस्था इदलिब प्रांत में वाइट हेलमेट ग्रुप के नियंत्रण वाले विभिन्न क्षेत्रों में आतंकवादी गुट नुस्र फ़्रंट के तत्वों के हाथों रासायनिक पदार्थों के टैंकरों की तस्करी में मदद कर रही है। सीरिया के विदेशमंत्री वलीद अलमुअल्लिम ने अपने एक साक्षात्कार में कहा कि आतंकवादियों की योजना यह है कि वह रासायनिक पदार्थों से भरे हुए इन टैंकरों को इदलिब में आम नागरिकों के विरुद्ध प्रयोग करके उसका आरोप दमिश्क़ सरकार पर लगाए जाने की भूमिका प्रशस्त करेंगे। सीरिया के विदेशमंत्री ने झूठे रासायनिक हमले को सीरिया में दाइश विरोधी तथाकथित गठबंधन द्वारा हमले का बहाना क़रार दिया किन्तु उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ड्रामे से इदलिब को स्वतंत्र कराने के दमिश्क़ सरकार के संकल्प पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इससे पहले 25 अगस्त 2018 को रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से एलान किया जा चुका है कि अमरीका, ब्रिटेन और फ़्रांस नए बहाने से सीरिया पर हमला करने के चक्कर में हैं। 14 अप्रैल 2018 को फ़्रांस तथा ब्रिटेन ने सीरिया पर रासायनिक शस्त्रों के प्रयोग का बहाना बनाकर हमला किया था।