सऊदी अरब ने ख़ाशुक़्जी की हत्या की बात स्वीकार की + फ़ोटो
सऊदी अरब ने आख़िरकार आलोचक पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी की इस्तांबोल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में हत्या को आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया।
सऊदी अरब ने दो सप्ताह तक वैश्विक रूप से भीषण संकटमयी स्थिति का सामना करने के बाद स्वीकार कर लिया है कि पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी को इस्तांबोल में स्थित वाणिज्य दूतावास के भीतर झगड़े के दौरान हत्या कर दी गयी।

एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या के बाद सऊदी अरब ने डिप्टी इन्टीलीजेंस चीफ़ अलअसीरी और राॅयल कोर्ट मीडिया एडवाइज़र सऊद अलकतानी को अपदस्थ कर दिया गया है जो क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के बहुत निकटवर्ती साथी थे।

सऊदी एटार्नी जनरल शैख़ सऊद अलमुजीब का कहना था कि जमाल ख़ाशुक़्जी को वाणिज्य दूतावास के भीतर चर्चा के बाद होने के बाद झगड़े में मारा गया किन्तु उनके शव के बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया।

शैख़ सऊद अलमुजीब ने कहा कि आरंभिक जांच में पता चलता है कि इस्तांबोल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में उनसे मुलाक़ात करने वाले व्यक्ति के साथ बहस हुई जो झगड़े में बदल गयी और शहरी के साथ पहली लड़ाई में जमाल ख़ाशुक़्जी मारे गये।

सऊदी अरब की ओर से पत्रकार की हत्या की स्वीकारोक्ति के बाद अमरीका ने अपनी प्रतिक्रिया में खेद व्यक्त किया किन्तु अपने निकट घटक के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्यवाही के हवाले से कुछ नहीं कहा।

वाइट हाऊस की प्रवक्ता सारा सेन्डर्ज़ का कहना था कि हम इस दर्दनाक घटना की वैश्विक जांच को निकट से देखेंगे और समय पर पारदर्शी और क़ानून के अनुसार न्याय का समर्थन करेंगे। संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने अपने बयान में "गहरा दुख" व्यक्त करते हुए कहा कि ज़िम्मेदारों के विरुद्ध भरपूर कार्यवाही की आवश्यकता है।

जमाल खाशुक़जी, सऊदी पत्रकार थे जो सऊदी सरकार विशेषकर इस देश के युवराज मुहम्मद बिल सलमान की नीतियों के प्रबल आलोचक थे।खाशुक़जी, सऊदी सरकार की ब्लैक लिस्ट में शामिल थे और सरकार के डर के कारण सऊदी अरब के बाहर जीवन व्यतीत कर रहे थे। 2 अक्तूबर 2018 को जमाल ख़ाशुक़्जी उस समय लापता हो गये थे जब वह तुर्की के शहर इस्तांबोल में स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में प्रविष्ट हुए किन्तु वापस नहीं आए। (AK)