ग़ज़्ज़ा पट्टी, इस्राईली फ़ायरिंग में बच्चा हताहत
ज़ायोनी सैनिकों ने फ़िलिस्तीनियों के शांतिपूर्ण वापसी मार्च पर एक बार फिर पाश्विक ढंग से फ़ायरिंग करके दसियों फ़िलिस्तीनियों को घायल कर दिया जबकि ज़ायोनी शासन द्वारा फ़िलिस्तीनियों पर थोपे गये 50 वर्षीय युद्ध के दौरान घायल होने वाला 12 वर्षीय बच्चा मुहम्मद नस्र रीफ़ी शनिवार को ज़ख़्मों की ताब न लाते हुए शहीद हो गया।
फ़िलिस्तीनी इन्फामेश्न सेन्टर की रिपोर्ट के अनुसार यह बच्चा पिछले चार साल से वेन्टीलेटर पर था। ज़ायोनी सैनिकों ने 50 दिवसीय ग़ज़्ज़ा युद्ध के दौरान मुहम्मद नस्र रीफ़ी के घर पर बमबारी की थी जिसमें उसका पिता, भाई और चार चचेरे भाई शहीद हुए थे।
दूसरी ओर अलमयादीन टीवी चैनल ने सूचना दी है कि ग़ज़्ज़ा के फ़िलिस्तीनियों ने बेलफ़ोर घोषणा की बरसी के अवसर पर निरंतर 32वें सप्ताह भी शांतिपूर्ण वापसी मार्च में भाग लिया।
इस सप्ताह वापसी मार्च का स्लोगन था कि फ़िलिस्तीनी राष्ट्र बेलफ़ोर घोषणा को तबाह कर देगा। फ़िलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि ज़ायोनी सैनिकों की फ़ायरिंग से घायल होने वाले 32 फ़िलिस्तीनियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिनमें सात की हालत चिंता जनक है।
ख़बरों में कहा गया है कि इसके अलावा बहुत से फ़िलिस्तीनी एेसे हैं जो ज़ायोनी सैनिकों की ओर से गैस के गोले फ़ायर किए जाने के कारण प्रभावित हुए और उन्हें दम घुटने की शिकायत है।
इसी बीच सूचना है कि ज़ायोनी सैनिकों के टैंकों ने ग़ज़्ज़ा के क्षेत्र ख़ान यूनुस के अलऔदा कैंप पर भी गोलाबारी की है। (AK)