35 साल बाद इस्राईल ने अपने इस अपराध को क़ुबूल किया
इस्राईल ने 35 साल बाद अपने एक अपराध को क़ुबूल किया है।
ज़ायोनी शासन ने 35 साल बाद आधिकारिक रूप से इस अपराध को क़ुबूल किया कि 1982 में उसने उत्तरी लेबनान त्राबलस के तट के निकट उस नौका को डुबोया था जिसमें सवार 56 लेबनानी शरणार्थी साइप्रस जा रहे थे। इस अपराध में 25 लोगों की मौत हुयी थी।
इरना के अनुसार, वेबसाइट "अरब28" ने शुक्रवार को ज़ायोनी टीवी चैनल-10 के हवाले से इस घटना की सूचना देते हुए कहा कि ज़ायोनी सेना ने 1982 के इस हमले का नाम ड्राइफ़ूस रखा था और अब तक इसकी ज़िम्मेदारी से पीछे हटती रही यहां तक कि तेल अविव के अधिकारी भी इस घटना के ब्योरे के बारे में किसी तरह की टिप्पणी करने से बचते थे।
इस रिपोर्ट के अनुसार, ज़ायोनी पनडुब्बी के कमान्डर ने लेबनानी नौका पर फ़ायर करने का औचित्य पेश करने के लिए कहा था कि मुझे लगा कि इस नौका पर फ़िलिस्तीनी फ़ोर्सेज़ के जवान हैं जो लेबनान से जा रहे थे।
उस समय 3 साल तक इस घटना की जांच हुयी थी लेकिन इसके बावजूद ज़ायोनी अधिकारियों ने अब तक इस बात को क़ुबूल नहीं किया कि इस अपराध के ज़िम्मेदारों को सज़ा मिले बल्कि उनके दावे के अनुसार, पनडुब्बी के कमान्डर ने आदेश पर अमल किया था। (MAQ/N)