सऊदी क्राउन प्रिंस के विदेशी दौरे के राज़+वीडियो
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान कई देशों के दौरे पर निकले। वरिष्ठ पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की निर्मम हत्या के कारण सारी दुनिया में अपनी सफ़्फ़ाकियत और दरिंदगी के कारण बदनामी होने के बाद मुहम्मद बिन सलमान यह संदेश देने के लिए दौरे पर निकले कि उनका ओहदा सुरक्षित है।
और क्राउन प्रिंसा की हैसियत से वह अपनी गतिवधियां अंजाम दे रहे हैं और उन्हें न तो विश्व दबाव की कोई चिंता है और न देश के भीतर पायी जाने वाली बेचैनी का उन पर कोई असर है।
मुहम्मद बिन सलमान इमारात गए जिसके बाद उन्होंने बहरैन का दौरा किया और बहरैन से मिस्र गए। मिस्र में जन स्तर पर इस दौरे का विरोध किया गया लेकिन अब्दुल फ़त्ताह अस्सीसी ने मुहम्मद बिन सलमान का हार्दिक स्वागत किया। टीकाकारों का कहना है कि अब्दुल फ़त्ताह अस्सीसी सऊदी अरब से मिलने वाली आर्थिक सहायता के कारण उनका स्वागत करने पर मजबूर थे जिस तरह उन्होंने तीरान और सनाफ़ीर द्वीपों को जन विरोध के बावजूद सऊदी अरब के हवाले कर दिया।
मुहम्मद बिन सलमान मिस्र से मंगल की शाम ट्यनीशिया गए । ट्यूनीशिया में जनता ने मुहम्मद बिन सलमान के विरोध में प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में आरी और यमन का ध्वज उठाए हुए थे। आरी इसलिए उठाए हुए थे कि रिपोर्टों में बताया गया कि सऊदी पत्रकार के बदन के टुकड़े करने के लिए आरी का प्रयोग किया गया था और यमन में सऊदी अरब के हमलों और अत्याचार के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने यमन का ध्वज उठाया। ट्यूनीशिया में महिलाओं के अधिकारों के संगठन और पत्रकारों की युनियन के कार्यालयों के ऊपर बड़े बड़े शब्दों में यह लिखा था कि मुहम्मद बिन सलमान का स्वागत नहीं है।
मुहम्मद बिन सलमान मोरक्को का भी दौरा करना चाहते थे लेकिन जनता के भारी दबाव को देखते हुए मोरक्को की सरकार ने इस यात्रा और दोनों देशों की शिखर बैठक को स्थगित करवा दिया। मुहम्मद बिन सलमान मोरीतानिया का भी दौरा करना चाहते थे लेकिन एसा लगता है कि यह दौरा भी स्थगित कर दिया गया है।
जी-20 के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिन सलमान ट्यूनीशिया से अर्जेन्टीना की राजधानी बोइनस आयरस पहुंचे लेकिन वहां भी उनके विरुद्ध प्रदर्शन हुए।