सनआ में सऊदी गठजोड़ के ख़िलाफ़ यमनी जनता का प्रदर्शन
यमनी जनता ने देश में तेल, दवाएं और खाद्य सामग्री वाहक समुद्री जहाज़ों को न आने देने के कारण सनआ में संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया है।
अलमसीरा टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने सऊदी अतिक्रमणकारियों के इस क़दम को अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों और मानवाधिकार का खुला उल्लंघन बताया हे। ज्ञात रहे कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठजोड़ यमन का व्यापक घेराव करके इस देश में मानवताप्रेमी सहायताएं पहुंचने की अनुमति नहीं दे रहा है। उधर मानवताप्रेमी मामलों में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के सहयोगी मार्क लूकाॅक ने बताया है कि अगले साल यमन के एक करोड़ लोगों को खाद्य सामग्री की अत्यधिक ज़रूरत होगी। उन्होंने एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि यमन में खाद्य सामग्री व मानवीय स्थिति अत्यंत जटिल हालात में पहुंच चुकी है और इसे बेहतर बनाने के लिए अगले साल चार अरब डाॅलर की सहायता की ज़रूरत होगी।
इस बीच अलमयादीन टीवी चैनल ने बताया स्वीडन में यमन की शांति वार्ता में शामिल सऊदी अरब समर्थित प्रतिनिधि मंडल ने पुनः हठधर्मी दिखाते हुए तइज़ और अलहुदैदा के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्तावों को मानने से इन्कार कर दिया है। यमन शांति वार्ता का नया चरण गुरुवार से स्वीडन में आरंभ हुआ है। इसमें यमन के अंसारुल्लाह संगठन का प्रतिनिधि मंडल और त्यागपत्र दे चुकी पूर्व सरकार का प्रतिनिधि मंडल भाग ले रहा है जिसे सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है। वार्ता में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के विशेष प्रतिनिधि मार्टिन ग्रिफ़िथ्स मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। (HN)