बहरैनी जनता के दमन में गति आ गयी है
सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के सैनिक भी बहरैनी सुरक्षा बलों के साथ मिलकर इस देश की जनता का दमन कर रहे हैं।
बहरैन की तानाशाही सरकार ने इस देश की जनता के दमन में गति प्रदान कर दी है। हालिया दिनों में बहरैनी सुरक्षा बलों ने राजधानी मनामा के दक्षिण में स्थित अलअक्र नगर में प्रदर्शन कर रहे लोगों का दमन बड़ी निर्ममता से किया।
बहरैनी प्रदर्शनकारी आले ख़लीफा सरकार के पतन के नारे लगा रहे थे। अलमयादीन टीवी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बहरैनी सुरक्षा बलों ने अपनी दमनकारी कार्यवाहयों का दायरा बढ़ा दिया है।
बहरैन की तानाशाही सरकार फरवरी 2011 से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने वाली इस देश की जनता का दमन कर रही है और इस देश के सुरक्षा बल अब तक कई मस्जिदों और इमाम बारगाहों को भी ध्वस्त कर चुके हैं।
इस देश की जनता बहरैन में बुनियादी सुधार और तानाशाही सरकार के स्थान पर लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना की मांग कर रही है परंतु इस देश की तानाशाही सरकार बहरैनी जनता की वैध मांगों पर ध्यान देने के बजाये पूरी निर्ममता से उसका दमन कर रही है।
यही नहीं सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के सैनिक भी बहरैनी सुरक्षा बलों के साथ मिलकर इस देश की जनता का दमन कर रहे हैं।
बहरैन की तानाशाही ने अपनी दमनात्मक कार्यवाहियों के माध्यम से पहले से अधिक अपनी पहचान और वास्तविकता स्पष्ट कर दी है और वह किसी भी मानदंड के प्रति कटिबद्ध नहीं है। इस देश की तानाशाही सरकार बहरैनी जनता के दमन के लिए विभिन्न प्रकार की शैली अपनाये हुए है ताकि जनता के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और विरोध को दबा सके परंतु वर्ष 2011 से वह बहरैनी जनता का दमन कर रही है और आज तक इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का जारी रहना इस बात का सूचक है कि वह अपने लक्ष्य में सफल नहीं हो पायी है।
रोचक बात यह है कि बहरैन की तानाशाही सरकार के खिलाफ होने वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शन दिन- प्रतिदिन विस्तृत रूप धारण करते जा रहे हैं और उनका जारी रहना इस बात का सूचक है कि बहरैनी जनता का शांतिपूर्ण आंदोलन समाप्त नहीं होने वाला है। MM