इदलिब को आतंकवदियों से मुक्त करवाकर ही दम लेंगेः सीरिया
बुसैना शाबान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दमिश्क़, इदलिब से आतंकवादियों को निकाले बग़ैर चैन से नहीं बैठेगा।
सीरिया के राष्ट्रपति की मीडिया प्रभारी बुसैना शाबान ने कहा है कि इदलिब की स्वतंत्रता सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति उत्तरी सीरिया में कोई सुरक्षा क्षेत्र स्थापित नहीं कर सकते। दमिश्क़ की ओर से बारंबार यह कहा जा चुका है कि इदलिब प्रांत, सीरिया का ही एक भाग है और वह यहां से आतंकवादियों को हर हाल में निकाल बाहर करेगा। सीरिया के इदलिब प्रांत को इस देश में आतंकवादियों का अन्तिम गढ़ माना जा रहा है। जब-जब सीरिया की सेना इदलिब में आतंकवादियों के विरुद्ध कोई सैन्य कार्यवाही आरंभ करती है तभी अमरीका के नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से इन हमलों को रुकवाने के उद्देश्य से शोर-शराबा शुरू कर दया जाता है। इस दौरान सीरिया संकट के संबन्ध में तुर्की का दृष्टिकोण विरोधाभास का शिकार रहा है। तुर्की ने एक समझौते केअन्तर्गत इदलिब में शांति की स्थापना के उद्देश्य से अपने कुछ सैनिक वहां भेजे हैं किंतु साक्ष्यों से पता चलता है कि यह सैनिक आतंकवादी गुट नुस्रा फ्रंट के साथ सहयोग कर रहे हैं। यह काम आस्ताना सम्मेलन में होने वाले समझौते के विरुद्ध है क्योंकि सूचि समझौता आतंकवाद के विनाश की बात करता है।
सितंबर 2018 में रूस तथा तुर्की के राष्ट्रपतियों ने सूचि में इस बात पर सहमति की थी कि आम लोगों की ज़िंदगी की सुरक्षा की दृष्टि से वहां पर कोई सैन्य कार्यवाही आरंभ नही की जाएगी। इस सहमति के अनुसार इदलिब में आम लोगों की सुरक्षा के उद्देश्य से एक सुरक्षा ज़ोन बनाया जाना था। इस प्रकार सीरिया के अन्तिम क्षेत्र से आतंकवादियों को सफाया किया जा सकता है। समझौते के बावजूद आतंकवादियों और उनके समर्थकों ने व्यवहारिक रूप से इसका उल्लंघन करते हुए सुरक्षा ज़ोन को असुरक्षित क्षेत्र में परिवर्तित कर दिया है। इसी बीच पश्चिमी सरकारों ने हथियार भेजकर इस क्षेत्र को हथियारों के ढेर में बदल दिया है। प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार 60 देशों के हज़ारों आतंकवादी इस समय सीरिया के इदलिब प्रांत में मौजूद हैं। सीरिया सरकार की नीति से पता चलता है कि दमिश्क़ ने आतंकवाद को समाप्त करने और अपनी एकता, अखण्डता एवं संप्रभुता की सुरक्षा के उद्देश्य से इदलिब को आतंकवादियों से मुक्त कराने का संकल्प कर ही लिया है।