वरना ज़ायोनी शासन का भविष्य कठिनाइयों में पड़ जाएगा!
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फ़िलिस्तीन के हमास आंदोलन के राजनैतिक विभाग के प्रमुख इसमाईल हनीया ने कहा कि ज़ायोनी शासन को चाहिए कि ग़ज़्ज़ा की सीमा पर और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी इलाक़ों में वापसी का अधिकार के नाम से होने वाले प्रदर्शनों के संदेश को समझ ले वरना इस शासन का भविष्य बड़ी कठिनाइयों में पड़ जाएगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar २३, २०१९ १४:२९ Asia/Kolkata
  • वरना ज़ायोनी शासन का भविष्य कठिनाइयों में पड़ जाएगा!

फ़िलिस्तीन के हमास आंदोलन के राजनैतिक विभाग के प्रमुख इसमाईल हनीया ने कहा कि ज़ायोनी शासन को चाहिए कि ग़ज़्ज़ा की सीमा पर और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी इलाक़ों में वापसी का अधिकार के नाम से होने वाले प्रदर्शनों के संदेश को समझ ले वरना इस शासन का भविष्य बड़ी कठिनाइयों में पड़ जाएगा।

इसमाईल हनीया ने जो इस सप्ताह वापसी का अधिकार मार्च में शामिल होने के लिए पहुंचे थे कहा कि जब तक सारे लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते यह प्रदर्शन जारी रहेंगे, हम हरगिज़ पीछे हटने वाले नहीं हैं।

इसमाईल हनीया ने कहा कि इन प्रदर्शनों ने फ़िलिस्तीन की जनता की दृढ़ता और प्रतिरोध को पेश किया है। उन्होंने कहा कि सारे फ़िलिस्तीनी डील आफ़ सेंचुरी को नाकाम बनाने के लिए एकजुट हैं।

हनीया ने कहा कि हमास आंदोलन जनता की कठिन मानवीय स्थिति की समीक्षा कर रही है इसीलिए हमास तथा अन्य प्रतिरोधक संगठनों की प्राथमिकता यह है कि ग़ज़्ज़ा का परिवेष्टन समाप्त हो।

ज्ञात रहे कि वापसी का अधिकार के नाम से होने वाले प्रदर्शन पिछले साल 30 मार्च से शुरू हुए हैं और अब तक जारी हैं। इन प्रदर्शनों में अब तक 270 से अधिक फ़िलिस्तीनी प्रदर्शनकारी शाहीद और 27 हज़ार से अधिक घायल हो चुके हैं।