अमरीका दुनिया में आतंकवाद का मुख्य स्रोत हैः सय्यद हसन नसरुल्लाह
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने कहा है कि ईरान के इस्लामी क्रान्ति संरकक्ष बल आईआरजीसी को आतंकवादी गुट की लिस्ट में शामिल करना पश्चिम एशिया में अमरीका की शर्मनाक नाकामी का सुबूत है।
सय्यद हसन नसरुल्लाह ने अमरीका के इस क़दम की भर्त्सना करते हुए कहा कि यह क़दम इस बात का ठोस सुबूत है कि वॉशिंग्टन पश्चिम एशिया में अपनी साज़िश में बुरी तरह नाकाम हुआ है।
उन्होंने बुधवार की शाम राजधानी बैरूत में अपने समर्थकों को टेलीविजन द्वारा सजीव प्रसारित भाषण में कहाः अमरीका आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन में शामिल कर अपनी मूर्खता की सारी हद पार कर चुका है। इस फ़ोर्स ने क्षेत्र में अमरीका और ज़ायोनी शासन की वर्चस्ववादी नीतियों का डट कर मुक़ाबला करते हुए बहुत अधिक बलिदान दिया है। इसलिए हम अमरीका के फ़ैसले की भर्त्सना करते और आईआरजीसी में अपने दोस्तों का समर्थन करते हैं।
उसके बाद उन्होंने अमरीका को पूरी दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला मुख्य स्रोत बताते हुए कहा कि वॉशिंग्टन आतंकवादी इस्राईली शासन के लिए एक राष्ट्र का अपमान कर रहा है।
सय्यद हसन नसरुल्लाह ने इस बात का उल्लेख करत हुए कि प्रतिरोध के जियालों ने पश्चिम एशिया में अमरीकी साज़िशों को नाकाम बना दिया है, कहा कि आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन करने से इस फ़ोर्से के ख़िलाफ़ अमरीका के द्वेष का पता चलता है क्योंकि यह फ़ोर्स इतनी मज़बूत है कि अमरीकी साज़िशों को चुनौती दे रही है।
उन्होंने कहाः "आईआरजीसी को कालि सूचि में शामिल करना हमारी शक्ति का सुबूत है न कि कमज़ोरी का। जो भी हमे धमकाए उससे निपटना, मानवीय व नैतिक ज़िम्मेदारी के साथ साथ हमारा मूल अधिकार भी है।" (MAQ/N)