अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में विवेक और तर्क के प्रभुत्व के इच्छुक हैं
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि हम अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में विवेक और तर्क के प्रभुत्व के इच्छुक हैं।
क़तर के अमीर शैख़ तमीम बिन हमद से टेलीफ़ोनी वार्ता में राष्ट्रपति रूहानी ने दोनों देशों के संबंधों को विस्तार की ओर अग्रसर बताया और कहा कि तेहरान चाहता है कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में विवेक और तर्क का प्रभुत्व क़ायम रहे।
हसन रूहानी ने सोमववार की शाम शैख़ तमीम बिन हमद आले सानी से अपनी बातचीत में क़तर सहित क्षेत्र के सभी देशों के साथ संबंध विस्तार की ईरान की नीति का हवाला देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक व राजनैतिक संबंधों और सहयोग को विस्तार देने के मार्ग में कोई रुकावट नहीं है।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि हम आशा करते हैं कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान वार्ता द्वारा निकाला जाएगा। उन्होंने रमज़ान के पवित्र महीने के आगमन की क़तर की जनता और सरकार को बधाई दी। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान के तेल पर प्रतिबंध लगाकर अमरीका इलाक़े में अराजकता फैलाना चाहता है लेकिन हम आशा करते हैं कि क्षेत्र के मित्र देशों के आपसी सहयोग से फ़ार्स खाड़ी के इलाक़े में शांति और स्थापना स्थापित होगी।
टेलीफ़ोनी वार्ता में क़तर के अमीर ने भी पवित्र महीने रमजान के आगमन की बधाई दी और कहा कि क़तर ईरान की जनता और सरकार के रुख़ की क़द्र करता है और कठिन हालात में ईरान से मिलने वाली सहानुभूति को हम कभी नहीं भूल सकते।